
Video: ना ताला टूटा, ना ही दरवाजा, फिर भी न्याय शाखा से 20 मुहर चोरी
श्रीगंगानगर.
कलक्ट्रेट में उस समय हड़कंप मच गया जब एडीएम सिटी कार्यालय के सामने स्थित न्याय शाखा से अज्ञात व्यक्ति कई टेबलों की दराज से करीब बीस मुहर चोरी कर ले गया। इन मुहरों में जिला कलक्टर समेत कई प्रशासनिक अधिकारियों के पदनाम की मुहर और हथियारों से संबंधित कागजातों पर लगाई जाने वाली मुहरें भी शामिल हैं। हालांकि न्याय शाखा के दरवाजे पर लगा ताला सही सलामत था, इसके बावजूद मुहरें चोरी हो जाना चर्चा का विषय बना हुआ है।
इस संबंध में जहां कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया है, वहीं प्रशासनिक स्तर पर भी जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार न्याय शाखा के प्रभारी गोपाल खडग़ावत ने कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है कि कार्यालय में शनिवार, रविवार व सोमवार का अवकाश था। मंगलवार को कार्यालय खुला। जब कर्मचारियों को मुहर की जरूरत पड़ी तो उन्होंने टेबल की दराज खोलकर देखी तो उसमें मुहर नही मिली। वही दूसरी टेबल की दराज में रखा डिब्बा निकाला तो वह भी खाली मिला। कार्यालय में मुहर नहीं मिलने से कर्मचारियों में खलबली मच गई।
कलक्टर सहित कई अधिकारियों की मुहरें
चोरी हुई मुहरों में जिला कलक्टर सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारियों के पदनाम, हथियारों के कागजातों पर लगाई जाने वाली मुहर सहित अन्य कई मुहरें शामिल हैं। न्याय शाखा की इन मुहरों का उपयोग हथियारों के नये लाइसेंस व पुराने लाइसेंस के नवीनीकरण के लिए किया जाता है, जिनको कार्यालय से कोई अज्ञात व्यक्ति चोरी कर ले गया। इस मामले की सूचना अधिकारियों को दी गई, जिनके निर्देश पर बुधवार को कोतवाली में मामला दर्ज कराया गया है। इस संबंध में जिला कलक्टर ने मुहर चोरी के मामले को गंभीरता से लेते हुए विभागीय जांच के आदेश दिए हैं।
छुट्टी के दिन आए थे दो बाबू
कलक्टर कार्यालय के न्याय शाखा के कार्यालय से मुहरें अवकाश के दिन चोरी होना बताया जा रहा है, जबकि इस दौरान ना तो वहां ताला टूटा हुआ मिला और ना ही दरवाजा टूटा था। ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर बिना ताला या दरवाजा तोड़े कार्यालय से मुहरें कैसे चोरी हो गई? चर्चा तो यह भी है कुछ कार्यालय कर्मचारी एक-दूसरे को नीचा दिखाना चाहते हैं, इसे भी इस घटना से जोड़कर देखा जा रहा है। बताते हैं कि शनिवार को न्याय शाखा के दो कर्मचारी छुट्टी के बावजूद कलक्ट्रेट आए हुए थे। ये दोनों बाबू क्रिसमस के दृष्टिगत कार्यपालक मजिस्ट्रेट लगाने के आदेश की कागजी कार्रवाई करने के लिए आए थे। अपना काम निपटाने के बाद ये दोनों वापस चले गए।
दुरुपयोग की आशंका
न्याय शाखा से गायब होने वाली ये मुहरें शस्त्र लाइसेंस जारी करने और उनका नवीनीकरण करने के अलावा जिला मजिस्टे्रट द्वारा जारी आदेशों पर लगती थी। हालांकि कलक्ट्रेट में शस्त्र लाइसेंस जारी करने का काम ऑनलाइन है, लेकिन लाइसेंस धारकों को जो पासबुक जारी की जाती थी उनमें ये मुहरें लगती थी। इन मुहरों में गोल मुहरें भी शामिल हैं। संभवत: मुहरों का दुरुपयोग करने की दृष्टि से इन्हें चुराया गया है। इस मामले को लेकर न्याय शाखा के अलावा अन्य बाबुओं को भी संदेह की दृष्टि से देखा जा रहा है।
आमजन के प्रवेश पर लगाई रोक
न्याय शाखा के कमरे में गुरुवार को आम आदमियों के प्रवेश पर पाबंदी रही। कमरे के दरवाजे के पास एक कर्मचारी को बिठा दिया गया। अमूमन न्याय शाखा में आम लोग आते-जाते हैं, मगर गुरुवार को किसी को भी भीतर नहीं जाने दिया गया। हालांकि शस्त्र लाइसेंस संबंधी काम के लिए अलग से खिड़की बनी हुई है। लाइसेंस संबंधी कार्य के लिए लोग इसी खिड़की पर खड़े होते हैं।
इनका कहना है
मुहर चोरी होने का मामला सामने आया है। इसमें एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं एडीएम विजिलेंस को जांच के लिए कहा है। कहां और किस स्तर पर कमी रही है, इसे देखा जाएगा। दोषी पर कार्रवाई की जाएगी।
ज्ञानाराम,
जिला कलक्टर, श्रीगंगानगर।
न्याय शाखा के कमरे का न तो ताला टूटा और न ही कोई खिड़की आदि टूटी। इसके बावजूद लगभग 20 मुहरों के रहस्यमय ढंग से गायब होने का मामला चिन्ताजनक है। ये मुहरें बाबूओं के दराजों में रखी रहती थी। कलक्ट्रेट परिसर में लगे सीसी टीवी कैमरे खराब है। जिला मजिस्टे्रट से कलक्ट्रेट में खराब सीसी टीवी कैमरों की मरम्मत करवाने का आग्रह किया गया है। अगर सीसी टीवी कैमरे सही होते तो घटना का खुलासा करने में मदद मिलती।
यशपाल आहूजा, उपखण्ड अधिकारी, श्रीगंगानगर
Published on:
29 Dec 2017 07:59 am

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