श्रीगंगानगर. कभी जिस स्कूल में बच्चे को प्रवेश मिलना माता-पिता के लिए गर्व का विषय होता था। प्रवेश दिलाने के लिए सिफारिश का सहारा लिया जाता था, वही बीएसएफ सीनियर सैकण्डरी स्कूल बच्चों की कम संख्या के कारण बंद होने जा रहा है। लगभग पांच दशकों से ज्ञान का प्रकाश फैला रहे इस शिक्षण संस्था में अध्ययन कर अनेक प्रतिभाएं उच्च पदों तक पहुंची।
शहर की ऐसी नामी शिक्षण संस्था का अवसान अगर बच्चों की कम संख्या के कारण हो रहा है तो इसे दुुखद ही कहा जाएगा। बीएसएफ स्कूल की स्थापना 1974-75 में हुई। नाम बीएसएफ का जुड़ा होने से इसमें प्रवेश लेने वाले बच्चे या तो अधिकारियों के होते थे या फिर अभिजात्य वर्ग के। शिक्षा स्तर बेहतर होने से स्कूल की साख भी बनी। अनुशासन, नवाचार और सह शैक्षिक गतिविधियों के कारण स्कूल की ख्याति दूर-दूर तक फैली और ग्रामीण अंचल से भी बच्चे इस स्कूल में अध्ययन के लिए आने लगे। कालांतर में स्कूल का दर्जा बढ़ा तो मध्यम वर्गीय परिवारों के बच्चे भी इसमें प्रवेश लेने लगे।
पचास साल का सफर पूरा करने की ओर अग्रसर इस स्कूल की यात्रा पर शैक्षिक सत्र 2023-24 से विराम लग जाएगा। स्कूल प्रशासन ने कक्षा छह से 9 और 11 में प्रवेश नहीं देने का नोटिस चस्पा कर दिया है। इसमें कक्षा 6 से 8 तक में अध्ययन कर रहे छात्रों के अभिभावकों से शैक्षिक सत्र 2022-23 का परीक्षा परिणाम जारी होने के बाद अपने बच्चों की टी.सी. लेकर अन्यत्र प्रवेश दिलाने का आग्रह किया गया है।
इस बीच, प्राचार्य मनीष कुमार ठाकुर ने बताया कि स्कूल में अभी 203 छात्र हैं। इनमें 52 छात्र बारहवीं कक्षा के हैं जो आगामी शैक्षिक सत्र में नहीं रहेंगे। इनके बाद छात्र संख्या मात्र 151 ही रह जाएगी। इतनी कम छात्र संख्या को देखते हुए बीएसएफ के दिल्ली मुख्यालय ने इसे बंद करने का निर्णय किया है। स्कूल को शैक्षिक सत्र 2023-24 से बंद करने का आदेश दिल्ली मुख्यालय से ही आया है।
इधर, प्राचार्य के अनुसार बीएसएफ स्कूल में इस समय 24 का स्टाफ है। इनमें सोलह अध्यापक हैं और आठ अन्य कर्मचारी। प्राचार्य ठाकुर ने बताया कि स्कूल बंद हो रहा है तो इस स्टाफ को बीएसएफ के अन्य स्कूलों में समायोजित किया जाएगा। फिलहाल श्रीगंगानगर जिले में बीएसएफ का अन्य स्कूल नहीं है। बीएसएफ स्कूल को बंद करने के निर्णय से इसमें पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावक नाराज हैं। परीक्षा परिणाम जानने के लिए स्कूल में पहुंचे अभिभावकों को जब इस निर्णय का पता लगा तो उन्हें रोष व्यक्त करते हुए प्राचार्य से मुलाकात की। तब उन्हें बताया गया कि बीएसएफ दिल्ली मुख्यालय से महानिदेशक के आदेश पर स्कूल को बंद किया जा रहा है। स्थानीय स्तर पर यह निर्णय नहीं हुआ।