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Good News: राजस्थान में किसान खेत में खड़ी फसल की गिरदावरी अब खुद कर सकेगा, जानिए इसके लिए क्या जरूरी है

राजस्थान सरकार की ओर से एग्रीस्टैक प्रोजेक्ट के तहत ई-गिरदावरी के लिए विकसित किसान गिरदावरी एप के माध्यम से किसान अब अपने खेत में खड़ी फसल की गिरदावरी खुद कर सकेगा।

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mustard ki kheti

श्रीगंगानगर। राज्य सरकार की ओर से एग्रीस्टैक प्रोजेक्ट के तहत ई-गिरदावरी के लिए विकसित किसान गिरदावरी एप के माध्यम से किसान अब अपने खेत में खड़ी फसल की गिरदावरी स्वयं कर सकेगा। इसके लिए उन्हें किसान गिरदावरी एप को गूगल प्ले स्टोर से या क्यूआर कोड स्कैन कर डाउनलोड करना होगा। किसान गिरदावरी एप से ई-गिरदावरी वही किसान कर पाएंगे, जिनकी भूमि का खाता जनाधार से जुड़ा होगा।

संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार डॉ. सतीश शर्मा ने बताया कि ई-गिरदावरी के संबंध में कृषि आयुक्तालय से दिशानिर्देश मिले हैं। इनकी पालना में सहायक कृषि अधिकारी व कृषि पर्यवेक्षक ई-गिरदावरी का व्यापक प्रचार-प्रसार कर अधिकाधिक किसानों से किसान गिरदावरी एप डाउनलोड करवाएंगे।

उन्होंने बताया कि श्रीगंगानगर जिले में रबी-2024 में ई-गिरदावरी किए आवंटित खसरों की संख्या 9 लाख 40 हजार है। इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए फील्ड स्टाफ किसान गिरदावरी एप का व्यापक प्रचार-प्रसार कर किसानों से ई-गिरदावरी करवाएंगे। उन्होंने बताया कि एप की जानकारी लेने के लिए किसान सम्बन्धित कृषि पर्यवेक्षक व पटवारी से सम्पर्क कर सकते हैं।

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बीस प्रतिशत खाते जुड़े

डिजिटल युग में ई-गिरदावरी राज्य सरकार का महत्वपूर्ण कदम है। इसके लिए बनाए गए किसान गिरदावरी एप के माध्यम से किसान स्वयं अपने खेत में खड़ी फसल की गिरदावरी कर सकेंगे। ई-गिरदावरी के लिए किसान की भूमि का खाता जनाधार से जुड़ा होना जरूरी है। अभी जिले में 20 प्रतिशत खाते ही ई-गिरदावरी से जुड़े हुए हैं। यह काम पटवारी का है, जो अभी हड़ताल पर चल रहे हैं। जब शतप्रतिशत खाते जनाधार से जुड़ जाएंगे, तब ई-गिरदावरी से किसानों को होने वाले फायदे का पता चलेगा।

  • रणजीत कुमार, उपखंड अधिकारी, श्रीगंगानगर