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नशा मुक्ति कार्यक्रम से ‘नजरें’ चुरा रहे अधिकारी, महज एक प्रभारी के भरोसे सारी जिम्मेदारी…

श्रीकरणपुर के सरकारी स्कूलों में हर सप्ताह जागरुकता कार्यक्रम तय, अखर रही अधिकारियों की अनुपस्थिति

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नशा मुक्ति कार्यक्रम से ‘नजरें’ चुरा रहे अधिकारी, महज एक प्रभारी के भरोसे सारी जिम्मेदारी...

श्रीकरणपुर. गांव कमीनपुरा में नशामुक्ति अभियान के तहत गत शनिवार को जागरुकता रैली निकालते स्कूली विद्यार्थी।

प्रवीण राजपाल

श्रीकरणपुर @ पत्रिका. नशा मुक्त भारत अभियान के तहत ग्राम पंचायत मुख्यालयों के सरकारी स्कूलों में हो रहे जागरुकता कार्यक्रमों में प्रशासनिक अधिकारी ‘नजरें’ चुराते नजर आ रहे हैं। मजेदार बात तो यह है कि एसडीएम ने अधीनस्थ अधिकारियों को इसके लिए दायित्व भी सौंप रखा हैं लेकिन कार्यक्रमों में उनकी शिरकत नहीं हो रही। ऐसे में महज एक समन्वयक प्रभारी के भरोसे स्कूल स्तर पर ही आयोजन की खानापूर्ति हो रही है।
इसका ताजा उदाहरण हाल ही 15 फरवरी शनिवार को ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत नौ एफएफ बड़ोपल, कमीनपुरा व 48 जीजी के सरकारी स्कूलों में देखने को मिला। जानकारी अनुसार गांव नौ एफएफ बड़ोपल में नायब तहसीलदार अजय कुमार, गांव कमीनपुरा में केसरीङ्क्षसहपुर के नायब तहसीलदार इंद्राज बारूपाल व गांव 48 जीजी में नायब तहसीलदार मुकेश कुमार की ड्यूटी लगाई गई थी लेकिन तीनों ही अधिकारी वहां नहीं पहुंचे। हालांकि, अभियान के प्रभारी राजकुमार नागपाल ने गांव 9 एफएफ बड़ोपल पहुंचकर कार्यवाहक प्रधानाचार्य छिंद्रपाल सिंह के सानिध्य में कार्यक्रम करवाया। वहीं, कमीनपुरा के राजकीय उमाविद्यालय में प्रधानाचार्य तृप्ति अग्रवाल व अन्य स्टाफ तथा गांव 48 जीजी के राजकीय उमाविद्यालय में प्रधानाचार्य सुरेंद्र शर्मा व अन्य स्टाफ की ओर से जागरुकता कार्यक्रम करवाया गया। इस दौरान वक्ताओं ने नशे की लत लगने के कारणों, दुष्प्रभावों व बचाव के उपायों पर विस्तार से जानकारी दी। अतिथियों व विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने का संकल्प दिलाया गया। वहीं, बच्चों ने जागरूकता रैली भी निकाली।

इससे पहले भी यही हालात…

इससे पहले 8 फरवरी को दलपतसिंहपुर, 25 एफ गुलाबेवाला व 39 जीजी में हुए कार्यक्रमों में दलपतसिंहपुर को छोड़ कहीं कोई अधिकारी नहीं पहुंचा। वहीं, एक फरवरी को 53 एफ, दो डब्ल्यू व अरायण में हुए कार्यक्रमों में भी कोई अधिकारी नहीं पहुंचा था। यही नहीं, नगरपालिका प्रशासन की ओर से भी कार्य योजना बनाकर ये कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। हाल ही 11 फरवरी को वाल्मीकि मंदिर में हुए आयोजन में भी ऐसा ही हाल दिखाई दिया। वहां इओ संदीप बिश्नोई के अलावा कोई प्रशासनिक या पुलिस अधिकारी शामिल नहीं हुआ।

नशे की चपेट में इलाका लेकिन…

गौरतलब है कि इलाके में नशावृत्ति से जुड़ा धंधा काफी फल-फूल रहा है। बड़ी संख्या में युवा नशे की गिरफ्त में है। आए दिन नशीली गोलियों व चिट्टे सहित अन्य मादक पदार्थों की खेप पकड़ी जा रही है। नशे की चपेट में आए युवाओं की मौत मामले भी सामने आ रहे हैं। ऐसे में अभियान के तहत श्रीकरणपुर व केसरीसिंंहपुर मुख्यालय सहित पंचायत समिति की सभी 35 ग्राम पंचायतों पर स्थित सरकारी स्कूलों में जागरुकता कार्यक्रम तय किए गए। करीब तीन माह से जारी अभियान की शुरूआत में हुए कार्यक्रमों में प्रशासन के साथ पुलिस अधिकारियों ने भी शिरकत की लेकिन अब हालात कुछ और ही हैं।

अधिकारियों को और भी काम होते हैं…

ब्लॉक स्तरीय कार्यक्रमों में अधिकारी शामिल होते हैं। ये स्कूलों का कार्यक्रम है। ऐसे में स्कूल के प्रधानाचार्य की जिम्मेदारी तय की हुई है। परीक्षा के मद्देनजर नौ बैग डे के दिन शनिवार को एक साथ तीन स्कूलों में कार्यक्रम कराए जा रहे हैं। अधिकारियों को और भी काम होते हैं। हर प्रोग्राम में शामिल नहीं हो सकते। कार्यक्रम हो, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रधानाध्यापक राजकुमार नागपाल को प्रभारी बनाया हुआ है।
श्योराम, एसडीएम श्रीकरणपुर।