
किसके कहने पर बना डाले हथियार लाइसेंस
श्रीगंगानगर। विधानसभा चुनाव की आचार संहिता से पहले जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक में हंगामा और शोर शराबा के बीच अफसरों की कार्यशैली पर नाराजगी जताई। जिला परिषद सभागार में हुई इस बैठक में जिला परिषद सदस्यों ने सवाल उठाया कि कानून कायदे सिर्फ प्रभावशाली लोगों के लिए बदल जाते हैं जबकि आम आदमी दर-दर की ठोकरें खा रहा हैं।
जिला परिषद डायरेक्टर सुभाष भाकर ने सवाल उठाया कि जिले के अधिकारियों ने प्रभावशाली लोगों के हथियार लाइसेंस बना डाले हैं। करीब अस्सी लोगों को लाइसेंस जारी किए हैं। इसमें सभी व्यापारी या पेशेवर लोग शामिल हैं। जबकि गांव के आम आदमी को इन लाइसेंस देने में वंचित रखा हैं। जिला प्रशासन के पास सात सौ ऐसे प्रकरणों की सूची हैँ, इनके लोग सिर्फ अपने पिता की मौत के बाद लाइसेंस अपने नाम से जारी कराने के लिए कलक्ट्रेट में रोजाना चक्कर काटने को मजबूर हैं। साम, दंड और भेद की नीति से बने इन लाइसेंसों की जांच होनी चाहिए। जिला प्रशासन की ओर से एडीएम सतर्कता हरीसिंह मीणा ने जवाब दिया कि पात्र लोगों की पत्रावलियों का निस्तारण किया जा रहा हैं। भाकर ने बीच में टोकते हुए बोला कि यह रटारटाया जवाब कब तक देते रहोंगे। रिजल्ट चाहिए खानापूर्ति के जवाब नहीं।
इस सदन में अधिकांश सदस्यों ने अपने अपने जोन क्षेत्र में सड़कों की बिगड़ी हालत को सुधारने और नई सड़कों के निर्माण का हिसाब किताब मांगा तो पीडब्ल्यूडी के सूरतगढ़ एक्सईएन संजय अग्रवाल का कहना था कि सार्वजनिक निर्माण विभाग की ओर से 35 कार्यो के लिए टैँडर किए गए थे लेकिन इसमें से सिर्फ दो ही कार्यो के लिए दो ठेका फर्मो ने दिलचस्पी दिखाई हैं। दो दो बार टैँडर खोलकर देख लिया लेकिन कोई ठेकेदार आ ही नहीं रहा हैं तो हम क्या करें। यह सुनकर भड़के डायरेक्टरों का कहना था कि चुनाव से पहले ही अधिकारियों का मानस भी सैट हो चुका हैं। आचार संहिता लगने से पहले ऐसे हालात हो गए हैं, ऐसे में मतदाताओं के बीच जाकर हम क्या करेंगे।
Published on:
08 Sept 2023 11:24 pm
बड़ी खबरें
View Allश्री गंगानगर
राजस्थान न्यूज़
ट्रेंडिंग
