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रायसिंहनगर.
तिलम संघ की ओर से सरसों व चने की सरकारी खरीद को लेकर तिलहन उत्पादक सहकारी समितियां विवादों में आ गई हैं। सहकारिता विभाग के प्रमुख शासन सचिव की ओर से राजफैड को दरकिनार करते हुए तिलम संघ की तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों को खरीद केन्द्रों के आवंटन से किसान आक्रोशित हैं।
किसानों का आरोप है कि रायसिंहनगर में सरसों व चने की खरीद का कार्य श्रीविजयनगर क्षेत्र की 50 जीबी तिलहन उत्पादक सहकारी समिति को दिया गया है। कमोबेश यही स्थिति बींझबायला, पदमपुर, रिडमलसर व विनायक सब मंडी यार्ड श्रीगंगानगर को लेकर है। इन चारोंं खरीद केन्द्रों पर खरीद का काम सूरतगढ़ तहसील क्षेत्र की दूरस्थ तिलहन उत्पादक सहकारी समिति मालेर को दिया गया है जबकि इन सहकारी समितियों के पास खरीद के लिए संसाधनों के नाम पर कुछ नहीं है।
आरोप है कि तिलम संघ को कमीशन दिलाने के लिए सहकारिता विभाग के स्तर से यह खेल खेला गया है। सहकारिता विभाग के इस खेल से राजफैड प्रबंधन में भी नाराजगी बताई जा रही है। अधिकारियों व कर्मचारियों ने विरोध मुखर करने का प्रयास भी किया। लेकिन अनसुना कर दिया गया। बताया जा रहा है कि अधिकारियों व कर्मचारियों ने विरोध का प्रयास किया तो यह कहकर आश्वस्त कर दिया गया कि राजफैड खरीद में सहयोग करेगी। उधर तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों को राजफैड के अधिकारियों ने खरीद के लिए चार्ज देने से भी इंकार कर दिया है।
ये है किसानों की परेशानी
प्रबंध निदेशक के आदेशों पर किसानों को आपत्ति है। किसानों का आरोप है कि भुगतान के लिए खरीद एजेंसी ही भुगतान के लिए भी उत्तरदायी है। ऐेसे में किसानों को भुगतान के लिए संबंधित तिलहन उत्पादक सहकारी समिति के चक्कर लगाने पड़ेंगे जबकि ये समितियां खरीद मंडी से 70 से 125 किलोमीटर की दूरी तक स्थित है।
ये है कमीशन का खेल
जानकारी अनुसार चने व सरसों की खरीद में खरीद एजेंसी को प्रति क्विंटल की दर से कमीशन की राशि मिलती है। विभागीय जानकारी अनुसार सरसों की खरीद में तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों के माध्यम से करने पर तिलहन उत्पादक सहकारी समिति को प्रति क्विंटल 20 रुपए 40 पैसे तथा राजफेड को 8 रुपए 60 पैसे कमीशन मिलेगा जबकि चने की खरीद में तिलम संघ की सहकारी समिति को प्रति क्विंटल 29 रुपए 75 पैसे तथा राजफैड को 12 रुपए 75 पैसे की दर से कमीशन मिलेगा। दोनों संस्थाओं में इसी कमीशन राशि को लेकर टकराव की स्थिति बनी हुई है। अधिकारी किसी भी प्रकार के टकराव से इंकार कर रहे हैं। कमीशन के इस खेल में सीधा नुकसान आम किसान को होगा। किसानों को भुगतान खरीद एजेंसियों के माध्यम से होगा।
हम नहीं देंगे चार्ज
हमने प्रबंध निदेशक के आदेशों पर आपत्ति जताई है, गेहूं, चने व सरसों की खरीद के लिए तिलहन उत्पादक सहकारी समितियों को चार्ज नहीं दिया जाएगा।
-औमप्रकाश गुप्ता, प्रदेश महासचिव राजस्थान राज्य क्रय विक्रय सहकारी समितियां एवं उपभोक्ता भंडार, राजस्थान
Published on:
15 Apr 2018 05:10 pm
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