
mohanjodado
हनुमानगढ़.
सिंधु घाटी सभ्यता का पाकिस्तान स्थित स्थल मोहनजोदड़ो इन दिनों फिल्म के चलते खूब सुर्खियां बटोर रहा है। लेकिन हमारा मोहनजोदड़ो मतलब कालीबंगा सुर्खियां तो छोडि़ए अब तक सरकार की आंखों में भी नहीं चढ़ सका है। ऐसे में प्राचीन सभ्यता के हजारों पुरा अवशेष समेटे बैठा यह इलाका बरसों से अनदेखी की मार झेल रहा है। उत्खनन में मिले हजारों पुरा अवशेष कालीबंगा संग्रहालय में केवल इसलिए प्रदर्शित नहीं किए जा रहे, क्योंकि वहां गैलरी का अभाव है। ऐसे में 16 हजार से भी अधिक पुरा सामग्री प्रदर्शन की प्रतीक्षा में ताले में बंद पड़ी है। इन बहुमूल्य धरोहरों की सुरक्षा का हाल तो यह है कि कुछ साल पहले यहां से चुराई गई बैलगाड़ी का सुराग नहीं लग सका। अंतरराष्ट्रीय स्तर के पर्यटन स्थल के रूप में ख्याति प्राप्त करने की क्षमता रखने वाले कालीबंगा संग्रहालय की सड़क तक सरकार नहीं सुधार सकी है।
पर्यटन के मानचित्र पर जगह देकर इसके विकास व प्रचार के दावे तो बहुत किए जाते रहे हैं। मगर दावे अब तक हकीकत नहीं बन सके हैं।
हनुमानगढ़ जिले में स्थित कालीबंगा उत्खनन स्थल।
यहां है मुर्दो का टीला
- मोहन जोदड़ की खोज राखालदास बनर्जी ने की। सर जॉन मार्शल के निर्देश पर खुदाई शुरू हुई।
- सही शब्द मुअनजो-दड़ो है, जो सिंधी भाषा का शब्द है। इसका अर्थ होता है, 'मुर्दों का टीला।
कालीबंगा खास क्यों
- धातुओं से बना शीशा कालीबंगा में मिला, जो इसे खास बनाता है।
- मोहनजोदड़ो में नगर के
- अवशेष व कालीबंगा में दुर्ग के अवशेष मिले हैं।
- सिंधु घाटी सभ्यता के किसी स्थल में अब तक दुर्ग के अवशेष नहीं मिले हैं।
Published on:
10 Aug 2016 11:35 am
बड़ी खबरें
View Allबैंगलोर
कर्नाटक
ट्रेंडिंग
