
श्रीगंगानगर. जिले के राज्यभर में नकली दवाइयों के निर्माण एवं ब्रिकी के अवैध कारोबार का खुलासा हुआ है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की जांच-पड़ताल कर लिए गए नमूनों की जांच करवाई गई तो अधिकांश में दवा अमानक पाई गई। नकली दवा कारोबार से जुडे़ लोग मूल दवा निर्माता कंपनियों की दवाइयों की हूबहू नकल कर औषधियों का व्यापार कर रहे हैं। नकली दवाइयों के अधिकांश नमूनों में सक्रिय घटकों की मात्रा मानकों के अनुसार नहीं पाई गई। यही नहीं स्ट्रिप्स, पैकिंग और लेबल देखकर आम लोग और अधिकारी तक नहीं पहचान पाए कि दवा नकली है। औषधि विभाग के अधिकारियों ने बताया कि बाजार में जो नकली या जाली दवाइयां बेची जा रही है उनमें कई नामचीन कंपनियों के प्रोडक्ट शामिल है। स्वास्थ्य विभाग ने माना है कि राज्य के गिरोह नकली दवाइयों के कारोबार चल रहा है। अब इस प्रकरण की जांच चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख शासन सचिव की रिपोर्ट पर गृह विभाग ने एसओजी से जांच करवाने का निर्णय किया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि मामला जनता के स्वास्थ्य से जुड़ा है। इसलिए प्रकरण की जांच एसओजी को सौंपी गई है। इस मामले में डीपीजी को निर्देश जारी किए गए हैं।
मार्च माह में श्रीगंगानगर जिले में 20 लाख रुपए की दवा जब्त की जो नकली पाई गई। नमूने लेकर जांच करवाई स्वास्थ्य विभाग के अनुसार श्रीगगंगानगर, जयपुर, अजमेर, बीकानेर व सीकर में नमली दवाइयों की सप्लाई एवं मैन्यूफैक्चरिंग की अलग-अलग शिकायतें मिलीं। जयपुर में एक फर्म की ओर से सस्ती दरों पर दवाइयों की सप्लाई की जाती रही थी। औषधि नियंत्रक संगठन ने इस फर्म से सप्लाई की गई दवाईयों के सैंपल की जांच औषधि परीक्षण प्रयोगशाला में करवाई गई। इसमें औषधियों में सक्रिय घटक की मात्रा शून्य पाई गई। औषधि नियंत्रक संगठन ने राज्य स्तर पर 22 फरवरी से 4 मार्च तक विभिन्न फार्मों का निरीक्षण कर 78 नमूनों की जांच करवाई थी। कमीशन अधिक होने पर हुआ खुलासा औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने न्यू मेडिसिन प्वाइंट पर स्कीन लाइट क्रीम की जांच की गई तो कुछ अन्य दवा ब्रांडेड थी। उन पर कमीशन पांच से तीस प्रतिशत होने पर दवा शक के घेरे में आ गई। इसके बाद जांच की गई तो परतें खुलती गईं। जांच में पता चला है कि सीकर की श्याम मेडिकल एजेंसी ने श्रीगंगानगर की फर्म को एक करोड़ रुपए की नकली दवा की आपूर्ति की है। श्रीगंगानगर की न्यू मेडिसिन प्वाइंट व अंबे मेडिकोज को सीकर की श्याम मेडिकल एजेंसी से लंबे समय से ब्रांड के नाम पर नकली दवा की सप्लाई का खेल चलता रहा है। औषधि नियंत्रक विभाग ने 12 फरवरी को न्यू मेडिसिन प्वाइंट पर छापा मार कर नकली दवा जब्त की गई थी। जांच एसओजी को सौंपी अमानक दवा की ब्रिकी की सूचना मिलने पर श्रीगंगानगर के राज्य में कई जगह दवा के नमूने लेकर जांच करवाई गई थी। जांच रिपोर्ट में अधिकांश दवा के नमूने अमानक पाए गए। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए इसकी जांच गृह विभाग ने एसओजी को सौंपी है। अजय फाटक, ड्रग कंट्रोलर, औषधि विभाग, जयपुर।
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