
राह भटक कर भारतीय सीमा में आए पाकिस्तानी बालक को उसी का देश लेने में आनाकानी कर रहा है। श्रीगंगानगर सेक्टर में बीएसएफ की मदनलाल सीमा चौकी इलाके में यह बालक कुछ दिन पहले भारतीय सीमा में आया था। सीमा सुरक्षा बल ने पूछताछ के बाद उसे हिन्दुमलकोट पुलिस थाने को सौंप दिया।
बालक को सौंपने के लिए सीमा सुरक्षा बल अब तक दो बार फ्लैग मीटिंग कर चुका है, लेकिन पाक रेंजर्स ने इनकार कर दिया।बालक मंदबुद्धि लगता है। पूछताछ करते समय वह चुपचाप बैठा रहता, कुछ बोलता नहीं। थाने के हवालात में बैठे-बैठे कई बार वह अम्मी-अब्बा कह कर रोने लगता है।
सीमा सुरक्षा बल के जवानों ने जब इसे पकड़ कर पूछताछ की और यह कुछ नहीं बोला तो इसके मूक-बधिर होने का अंदेशा हुआ। पुलिस ने मूक-बधिर बच्चों को पढ़ाने वाले शिक्षकों से बातचीत की तो उन्होंने बताया कि वही बच्चा उनकी इशारों की भाषा समझ सकता है जो मूक-बधिरों के स्कूल में पढ़ा हो। पहनावे से यह बालक चरवाहा लगता है।
हिंदुमलकोट थाने के प्रभारी गुरमेल सिंह ने बताया कि बालक अम्मी और अब्बा शब्द के साथ साथ-साथ तीन, चार व पांच का स्पष्ट उच्चारण करता है। इसके अलावा उसे मोबाइल पर गाना चला कर नाचने का कहा तो नाचा भी। मूक-बधिर होता तो वह ऐसा नहीं करता। पुलिस ने बालक को मनोचिकित्सक को भी दिखाया है। थाना प्रभारी ने बताया कि खाना देते हैं तो वह आराम से खा लेता है। हवालात से बाहर निकालने पर वह पुलिसकर्मियों के बीच चुपचाप बैठा रहता है। कुछ बोलता नहीं।
सूत्रों ने बताया कि बालक के पास कोई सामान नहीं मिला। जब पकड़ा तब उसने सलवार कमीज पहना था जो पाकिस्तान में पुरुषों का पहनावा है। यह बालक बॉर्डर के ही किसी पाकिस्तानी गांव का लगता है और भेड़-बकरियां चराते हुए रास्ता भटक कर भारतीय क्षेत्र में आ गया।
Published on:
12 Apr 2025 04:40 pm
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