
बीरमाना. पंचकूला पुलिस की गिरफ्त में आरोपी।
बीरमाना (श्रीगंगानगर). पंचकूला के व्यापारी को नकली नोट देकर धोखाधड़ी करने के मामले में पंचकूला पुलिस ने बुधवार को आरोपी रामचंद्र के चक चार डीडब्ल्यूएम में स्थित घर व सूरतगढ़ में एक कॉलोनी के फ्लेट पर दबिश दी। पुलिस ने 3.50 लाख रुपए असली नकदी, 24 लाख रुपए नकली नोट,ङ्क्षप्रटर, एलईडी,स्याही सहित अन्य सामान जब्त किया। पंचकूला पुलिस इस मामले में एक संदिग्ध व्यक्ति को भी अपने साथ ले गई। इस कार्रवाई से क्षेत्र में हडक़म्प मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी सूरतगढ़ क्षेत्र में करीब दो साल से नकली नोट के कारोबार में संलिप्त था।
पंचकूला पुलिस थाने के एसआई विजय ङ्क्षसह ने बताया कि पंचकूला निवासी रेडिमेड कपड़ों के व्यापारी रोहित भूटानी ने 3 अगस्त को पंचकूला पुलिस थाने में सांडवा चूरू निवासी जितेन्द्र ङ्क्षसह पुत्र भादर ङ्क्षसह के खिलाफ नकली नोट खपाने व धोखाधड़ी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज करवाया। इस मामले में रविवार को जितेन्द्र ङ्क्षसह के मामा रामचंद्र पुत्र रजीराम के बीरमाना गांव के चक चार डीडब्ल्यूएम में दबिश दी। जहां से दोनों जनों को गिरफ्तार कर पंचकूला ले गए। बुधवार सुबह दोनों आरोपियों को रामचंद्र के गांव लेकर आए। जहां से करीब साढ़े तीन लाख रुपए असली नकदी व एक एलईडी बरामद की गई। इसी तरह इनके सूरतगढ़ के ग्रीन रेजिडेंसी के एक फ्लेट पर दबिश दी। यहां से करीब 24 लाख रुपए के नकली नोट, ङ्क्षप्रटर, स्याही सहित अन्य सामान बरामद किया। इस मामले में पंचकूला पुलिस रामचंद्र के पूर्व पार्टनर रहे ओमप्रकाश को भी पूछताछ के लिए साथ ले गई है। इस कार्रवाई में एसआई विजय ङ्क्षसह,एएसआई नरेन्द्र कुमार यादव, कांस्टेबल राकेश,देवदत्त,सोनू शामिल रहे। वही, राजियासर पुलिस के हेड कांस्टेबल श्रवण मीना, प्रमोद पूनिया आदि भी आरोपी के घर में तलाशी कार्य में साथ रहे।
पंचकूला के एसआई विजय ङ्क्षसह ने बताया कि आरोपी करीब दो साल से नकली नोट के अवैध धंधे से जुड़े हुए थे। इस मामले में सूरतगढ़ स्थित आरोपियों के फ्लेट पर दबिश दी तो संदिग्ध सामान जब्त किया गया। सूरतगढ़ में आबादी क्षेत्र में किराए के मकान में नकली नोट का कारोबार करने वालों का पता नहीं चलने को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म रहा। इस प्रकरण ने पुलिस के सूचना तंत्र पर सभी सवालिया निशान उठा दिए हैं। इस प्रकरण में डीएसपी प्रतीक मील ने पंचकूला पुलिस का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया।
जानकारी के अनुसार आरोपी रामचंद्र पुत्र रजीराम माहर ने बीरमाना में शराब ठेके लेने के लिए सबसे ऊंची एक करोड़ रुपए की बोली लगाई थी। चक 4 डीडब्ल्यूएम में आरोपी की आलीशान कोठी बनी हुई है। जिसमें एक से दूसरी मंजिल में जाने के लिए लिफ्ट लगी हुई है। सबसे खास बात यह है कि अभी तक गांव में आरोपी के अलावा किसी भी घर लिफ्ट नहीं लगी है। कोरोनाकाल के बाद आरोपी अचानक चर्चाओं में आ गया। पूर्व में यह साधारण जीवनयापन करता था। परिवार में अन्य भाई खेतीबाड़ी का कार्य करते हैं।
Published on:
05 Sept 2024 01:00 am
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