जेल में बंदियों को दी जा रही हलवाई (कुक) की ट्रेनिंग, बाहर कर सकेंगे स्वरोजगार

श्रीगंगानगर व बीकानेर सेंट्रल जेलों में दी जा रही ट्रेनिंग

By: Raj Singh

Published: 07 Aug 2021, 12:06 AM IST

श्रीगंगानगर व बीकानेर सेंट्रल जेल में दी जा रही ट्रेनिंग

श्रीगंगानगर. संभाग की सेंट्रल जेलों में सजा काट रहे बंदियों को अपराध की दुनियां छोडकऱ आत्मनिर्भर बनाने के लिए हलवाई (कुक) का प्रशिक्षण दिया जा रहा है और कुछ जेलों में यह प्रशिक्षण पूर्ण हो चुका है। जिससे बंदी बाहर जाने के बाद अपना स्वरोजगार कर सकेंगे।

आजिविका कौशल मिशन के तहत एक संस्था की ओर से संभाग की सेंट्रल जेलों में सजा याफ्ता बंदियों को यह प्रशिक्षण कराया गया है और कुछ को कराया जा रहा है। इसके तहत इन बंदियों को विभिन्न प्रकार के भोजन तैयार करने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण चूरू की इंफोटेक सर्विसेज प्रा. लि. कंपनी की ओर से दिया जा रहा है। जिससे बंदियों को आत्मनिर्भर बनाकर स्वरोजगार के लिए तैयार किया जा सके और बंदी जेल से जाने के बाद अपराध छोडकऱ अपना रोजगार कर सके।

बंदियों को दिया जा रहा तरह-तरह के भोजन बनाने का प्रशिक्षण

- कंपनी की ओर से जेलों में प्रशिक्षकों की ओर से सजा पाने वाले बंदियों को यह प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके तहत दाल-रोटी, सब्जी, पूरी, मिठाई, फास्ट फूड तैयार करना सिखाया जा रहा है। इस प्रशिक्षण के बाद बंदी दक्ष हलवाई (कुक) बन सकेेंगे और यहां से बाहर जाने के बाद शादी, ब्याह व कार्यक्रमों में कुक का कार्य कर सकेंगे। इसके अलावा वे खुद का भी स्वरोजगार कर सकेंगे। किसी ढाबे, होटल में भी कार्य कर सकेंगे।

अन्य प्रशिक्षण भी होंगे जल्द

- जेल अधिकारियों व कंपनी के लोगों ने बताया कि जेल में अभी कुक का प्रशिक्षण दिया गया है और कुछ को दिया जा रहा है। इसके बाद यहां अन्य प्रशिक्षण भी चलाए जाएंगे। जिससे बंदियों को स्वरोजगार के लिए आत्मनिर्भर बनाया जा सके। जेलों में काफी संख्या में अच्छे पढ़े लिखे बंदी भी शामिल है। जिनको उनके अनुसार ही प्रशिक्षण कराए जाएंगे। जिससे बाहर जाने के बाद उनको रोजगार मिल सके।

इनका कहना है

- हाल ही में सेंट्रल जेलों में एक कंपनी की ओर से बंदियों को आत्मनिर्भर बनाने की योजना में कुक का प्रशिक्षण चल रहा है। इसके तहत बंदियों को विभिन्न प्रकार के भोजन तैयार करने व फास्टफूड बनाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। जिससे बंदी बाहर जाने के बाद खुद का रोजगार कर सकेंगे और अपराध से दूरी बनाए रखेंगे। उनको खान पान में गुणवत्ता के बारे में भी बताया जा रहा है।

-मोईउद्दीन पठान, जेल अधीक्षक जिला कारागार श्रीगंगानगर

Raj Singh Reporting
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