
बेटो ने बिसराया ममता का आंचल, सैकड़ो किलो मीटर दूर सखी बनी सहारा
हनुमानगढ़.
परिजनों से बिछड़ी एक विमंदित प्रौढ़ महिला बुधवार रात हनुमानगढ़ पहुंच गई। किसी तरह जंक्शन बस स्टैंड पहुंची विमंदित को लावारिस घूमते देख किसी ने इसकी सूचना पुलिस को दी। पुलिस ने उसे सखी सेंटर भिजवा परिजनों को सूचित किया है। जंक्शन थाने के सहायक उप निरीक्षक रामेश्वरलाल ने बताया कि बुधवार रात करीब साढ़े नौ बजे सूचना मिली कि एक महिला जंक्शन बस स्टैंड पर लावारिस घूम रही थी। इस पर मौके पर पहुंचे तो मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला ने अपना नाम दर्शना देवी (48) बताया। उसने बताया कि उसके पति जगननाथ की करीब 20 साल पहले मौत हो गई थी। वह हिसार के गांव भगाना के चक सात ए की रहने वाली है। उसके दो पुत्र हैं। वे उसे अपने पास नहीं रखना चाहते।
एएसआई रामेश्वरलाल ने बताया कि उक्त महिला के बताए पते के आधार पर संबंधित पुलिस चौकी में संपर्क कर गांव के सरपंच के नंबर लिए। सरपंच शक्तिसिंह के बताए अनुसार दर्शनादेवी के पुत्र राहुल से बात हुई। उसने हनुमानगढ़ आने की बात कही। साथ ही राहुल ने बताया कि इससे पहले भी उसकी माता कई बार बिना बताए घर से चली गई थी। अब भी करीब एक सप्ताह से उसका कोई अता-पता नहीं था।
इस पर पुलिस ने विमंदित महिला को टाउन के राजकीय जिला चिकित्सालय में संचालित सखी सेंटर भेज दिया। वहां सेंटर कार्मिकों की देखरेख में उक्त महिला को रखा गया है। हालांकि गुरुवार को पूरा दिन विमंदित महिला को लेने के लिए उसके परिजन नहीं आए। पुलिस का कहना है कि परिजन उनसे लगातार संपर्क में हैं। दर्शना देवी के पुत्र राहुल ने शुक्रवार को आने की बात कही है।
अगर परिजन नहीं आते हैं तो उसे नारी निकेतन भेजने की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार महिला हिसार से हनुमानगढ़ कैसे आई। इसका पता नहीं लग पाया है। संभावना है कि वह ट्रेन के जरिए यहां पहुंची हो। फिलहाल परिजनों का इंतजार किया जा रहा है।
Published on:
29 Jun 2018 11:45 am
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