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जनसंख्या बढ़ोतरी को लेकर यदि अब नहीं जागे तो भुगतने के लिए तैयार रहें ये परिणाम..

जनसंख्या बढ़ोतरी को लेकर यदि अब नहीं जागे तो भुगतने के लिए तैयार रहें ये परिणाम..

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श्रीगंगानगर।

‘‘बेहताशा जनसंख्या बढ़ोतरी भयावह कल की ओर इंगित कर रही है, जो देश व दुनिया के लिए घातक साबित हो सकती है। इसलिए जरूरी है कि सामूहिक रूप से हम न केवल खुद जागरूक हों बल्कि समाज के हर वर्ग को जागरूक करें।’’ ये विचार बुधवार को विधायक कामिनी जिंदल ने व्यक्त किए। वे स्वास्थ्य विभाग की ओर जिला अस्पताल में आयेाजित विश्व जनसंख्या दिवस पर आमजन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रही थीं। इस मौके पर जिला कलेक्टर ज्ञानाराम, सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल, पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना, डीसी डॉ. प्रेम बजाज व डॉ. अनामिका अग्रवाल ने भी संबोधित किया। वहीं मंच संचालन श्याम गोस्वामी और कार्यक्रम संयोजन धीरज कुमार ने किया।

परिणाम यह होगा

विधायक ने कहा कि जनसंख्या बढ़ोतरी के कारण संसाधनों व सुविधाओं में कमी का असर दिखने लगा है जो हर वर्ग को प्रभावित कर रहा है। बेरोजगारी का बढऩा, असामाजिक गतिविधियों में बढ़ोतरी व असुरक्षा की भावना इसी का नतीजा है। इसलिए जरूरी है कि हर वर्ग शिक्षित व जागरूक हो और जनसंख्या बढ़ोतरी पर अंकुश लगे। जिला कलेक्टर ज्ञानारा ने कहा कि यदि जनसंख्या बढ़ोतरी पर रोक नहीं लगाई तो इसका परिणाम यह होगा कि एक दिन प्रकृति स्वयं रोक लगाएगी जिसके परिणाम गंभीर होंगे। इसलिए अभी से सामूहिक प्रयास जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि युवा जागरूक होकर दूसरों को भी जागरूक करें।

आंकड़ेे आने वाले विकट भविष्य दिखा रहे
सीएमएचओ डॉ. नरेश बंसल ने कहा कि जनसंख्या विस्फोट पर लगाम जरूरी है अन्यथा लोग संसाधनों व सुविधाओं के लिए आपस में झगडऩे लगेंगे। डीसी डॉ. प्रेम बजाज ने जनसंख्या बढ़ोतरी के आंकड़े प्रस्तुत करते हुए कहा कि यही आंकड़ेे आने वाले विकट भविष्य दिखा रहे हैं, इसलिए अभी से चेतना जरूरी है। पीएमओ डॉ. सुनीता सरदाना ने आए हुए अतिथियों का स्वागत व धन्यवाद ज्ञापित किया।

कलक्टर की सीख, युवा निभाएं भागीदारी

जिला कलक्टर ज्ञानारान ने युवाओं से आह्वान करते हुए कहा कि वे देश का भविष्य हैं और वही देश का भविष्य संवार सकते हैं। इसलिए जरूरी है कि वे जागरूक होकर हर मुद्दे पर विचार करें। उन्होंने कहा कि बाल विवाह के दुष्परिणाम हमेशा से दिखते आए हैं, इसलिए सही आयु में शादी जरूरी है। जिससे न केवल मां बल्कि बच्चा भी स्वस्थ रहता है। यही नहीं आजकल युवा करियर बनाने के चक्कर अधिक आयु में शादी करने लगे हैं जो गंभीर है। युवाओं को चाहिए कि वे सही आयु में शादी करें अन्यथा दांपत्य जीवन सुखद रहने में परेशानी आती है। उन्होंने इस मौके पर जिले में बढ़़े लिंगानुपात पर स्वास्थ्य विभाग की टीम की प्रशंसा की और कहा कि श्रीगंगानगर वासियों का योगदान भी अतुलनीय है जो बेटियों को तव्वजो देने लगें हैं।