
पंचायत समिति प्रधान को अनशन स्थल से जबरन उठाया, पूर्व विधायक सहित 13 गिरफ्तार
घड़साना (श्रीगंगानगर).
सिंचाई पानी की मांग को लेकर तहसील मुख्यालय पर पांच दिन से अनशन पर बैठी पंचायत समिति प्रधान रानीबाला दुग्गल के अनशन के दौरान शनिवार को तबीयत बिगडऩे पर पुलिस ने जबरन अनशन स्थल से उठा कर बीकानेर के पीबीएम चिकित्सालय भेज दिया। वहीं अनशन स्थल पर पुलिस कार्रवाही का विरोध करने पर हल्का लाठीवार किया गया।
पुलिस ने उत्पात मचाने के आरोप में पूर्व विधायक सहित 13 को जनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
माकपा की ओर से तहसीलदार कार्यालय के समक्ष बेमियादी अनशन चलाया जा रहा है। इस दौरान प्रधान रानीबाला दुग्गल ने अनशन शुरू कर दिया। प्रधान की तबीयत शुक्रवार सुबह से खराब हो गई। शुक्रवार देर रात चिकित्सा अधिकारी ने पुलिस को प्रधान दुग्गल की हालत गंभीर होने तथा किसी भी अप्रिय स्थिति के लिए चिकित्सा विभाग के जिम्मेदार नहीं होने की लिखित रिपोर्ट दी थी।
थानाधिकारी ने यह रिपोर्ट पुलिस अधीक्षक तथा कलक्टर को भेज कर मार्गदर्शन मांगा। जिस पर थानाधिकारी ने पंचायत समिति प्रधान को खराब तबीयत के चलते राजकीय चिकित्सालय में भर्ती कराने के लिए आग्रह किया। इस पर पुलिस और पूर्व विधायक की झड़प भी हो गई।
शनिवार दोपहर डॉ. भागीरथ बाजिया ने अनशन स्थल पर सभी जांचे करने के बाद प्रधान रानी दुग्गल की रक्तचाप बढने, संक्रमण होने, धडकन कम होने तथा अन्य जांचों के निष्कर्ष पर तत्काल अस्पताल पहुंचाने की आवश्यकता जताई।
चिकित्साधिकारी की रिपोर्ट पर अनूपगढ के एसडीएम मनमोहन मीणा, पुलिस उपधीक्षक सोहनराम बिश्रोई आदि अधिकारियों ने अनशन स्थल से प्रधान को उठाने तथा कार्यकर्ताओं के विरोध की स्थिति में पुलिस कार्रवाई की रणनीति पर निर्णय लेकर अतिरिक्त जाब्ता मंगवाया। जाब्ता पहुंचने पर पुलिस ने अनशन स्थल से प्रधान रानीबाला दुग्गल को वाहन में बिठाने के लिए महिला पुलिस को आगे किया तो पूर्व विधायक पवन दुग्गल, जिला परिषद सदस्य विष्णू भाम्भू, एसएफआई जिला संयोजक शोभासिंह ढिल्लों, पूर्व सरपंच रामप्रताप राव, कालूराम , रामसिंह शेरगिल, जनवादी नौजवान सभा पूर्व अध्यक्ष हरविन्द्र संधू, भूपेन्द्र गिल, रामेश्वर पूनिया, गुरविन्द्र सिंह, सतपाल बिश्नोई, रामस्वरुप , भगवान बिश्रोई आदि ने पुलिस कार्रवाही का विरोध किया तथा धक्का मुक्की की।
इस पर पुलिस ने माकपा कार्यकर्ताओं पर लाठीवार किया। तीन चार जनों के लाठियां लगने पर माकपा कार्यकर्ता भाग खड़े हुए। पुलिस कर्मियों ने दो सौ मीटर तक उन्हें खदेड़ा। वहीं उपरोक्त तेरह कार्यकर्ताओं को शान्ति भंग के आरोप में गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के एक ट्रक में सभी को डाल कर मौका स्थल से अनूपगढ ले गए। वहीं पुलिस कस्टडी में पंचायत समिति प्रधान रानीबाला दुग्गल को पीबीएम चिकित्सालय में ले जाया गया।
टैंट उखाड़ा सामान किया जब्त
माकपा कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार करने तथा खदेडऩे के बाद पुलिस ने बेमियादी स्थल से लगे टेण्ट उखाड़ दिया। मौके पर गद्दे, पानी की टंकी, कूलर आदि सामान जब्त कर लिया। नायब तहसीलदार विनोद गोदारा, राजस्व निरीक्षक लादूराम कूकणा व महेन्द्र जांगू आदि ने जब्त सामान की सूची बनायी। इसके बाद टेंट मालिक को बुला कर जब्त सामान सौंप दिया।
Published on:
1 Sep 2018, 6:33 PM IST
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