
श्रीगंगानगर.
राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा-2012 के संशोधित परिणाम से चयनित शिक्षक अभ्यर्थियों को कम मेरिट से चयनित अभ्यर्थियों से वरिष्ठ मानते हुए मेरिट लिस्ट में उनकी स्थिति के साथ सभी परिलाभ (नोशनल एवं वरिष्ठता) दिए जाने के आदेश जारी किए हैं।। उक्त आदेश सचिव ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज विभाग जयपुर , निदेशक प्रारम्भिक शिक्षा विभाग बीकानेर , जिला शिक्षा अधिकारी श्रीगंगानगर और सीईओ जिला परिषद श्रीगंगानगर को दिए हैं।
प्रार्थीगणों के अधिवक्ता इंद्रजीत यादव ने बताया कि उक्त सभी याचिकाकर्ता पंचायत राज विभाग की तृतीय श्रेणी अध्यापक भर्ती परीक्षा-2012 में सितंबर 2013 में जारी चयन सूचियों से पदस्थापित हैं। पंचायत राज विभाग ने उक्त भर्ती परीक्षा की प्रथम चयन सूची सितंबर 2012 में जारी की थी। जिसमें प्रार्थीगणों का विभाग ने चयन नहीं किया गया था। उच्च न्यायालय के आदेश पर 2013 में उक्त भर्ती परीक्षा का संशोधित परिणाम जारी किया गया। इसमें प्रार्थीगणों का चयन होने पर विभाग ने उन्हें नियुक्ति दी।
उक्त संशोधित परिणाम से पूर्व में चयनित अभ्यर्थी याचिकाकर्ताओं से कम अंक होने से मेरिट में भी नीचे आ गए, लेकिन विभाग ने उनकी सेवाएं जारी रखी। ऐसे में सितंबर 2012 की चयन सूची से पदस्थापित होने से उनको सितंबर 2014 में परिवीक्षा अवधि पूरी होने से उनकी सेवाओं को नियमित कर दिया गया। याचिककर्ताओं को संशोधित परिणाम से सितंबर 2013 में चयनित होने पर सितंबर 2015 से सेवाओं को नियमित किया गया और अन्य सेवालाभ दिए गए।
श्रीगंगानगर जिले में पदस्थापित हैं परिवादी
विनोद कंवर, केसरीसिंहपुर, पूनम पदमपुर, सुनीता बिश्नोई, महावीर रेनिवाल व सुखदेव सिंह लेघा निवासी सूरतगढ़, सुभाष चंद्र मानकसर, रामदर्शन भोपालपुरा, दिनेश कुमार भादू गजसिंहपुर, बलविन्द्र कौर और समरीत सरां श्रीगंगानगर, जसदेव सिंह 9 एफएफ, जसप्रीत सिंह अरायण और शारदा देवी अलीपुरा सादुलशहर आदि की रिट याचिकाओं पर न्यायालय ने यह फैसला सुनाया। परिवादी श्रीगंगानगर जिले के विभिन्न उच्च प्राथमिक विद्यालयों में प्रथम एवं द्वितीय लेवल अध्यापक पदों पर कार्यरत हैं।
Published on:
16 May 2018 09:41 am
