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बाबा की मंशा पर उठाए सवाल…

जैन भवन में करीब एक सप्ताह पहले हुए घटनाक्रम का प्रकरण तूल पकड़ता नजर आ रहा है। जैन समाज सहित अन्य कई समाजों के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बाबा के मुकदमे को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने बाबा की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कब्जा करने की नियत से जैन भवन का नाम बदला गया।

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बाबा की मंशा पर उठाए सवाल...

बाबा की मंशा पर उठाए सवाल...

-प्रकरण में निष्पक्ष जांच की मांग
श्रीकरणपुर (श्रीगंगानगर). जैन भवन में करीब एक सप्ताह पहले हुए घटनाक्रम का प्रकरण तूल पकड़ता नजर आ रहा है। जैन समाज सहित अन्य कई समाजों के पदाधिकारियों ने गुरुवार को एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर बाबा के मुकदमे को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने बाबा की मंशा पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि कब्जा करने की नियत से जैन भवन का नाम बदला गया।
जानकारी अनुसार एसएस जैन सभा श्रीगंगानगर के अध्यक्ष नरेश जैन, उपाध्यक्ष मनोज जैन, पूर्व अध्यक्ष सीताराम जैन, पवन जैन, अशोक जैन रतनपुरा आदि के साथ आए विभिन्न समाजों के स्थानीय पदाधिकारियों व अन्य लोगों ने एसडीएम सुभाषचंद्र चौधरी को सौंपे ज्ञापन में बताया कि 28 सितंबर को जैन भवन में जैन धर्म के सिद्धांतों के विपरीत सनातनी मूर्ति स्थापना की तैयारी की जा रही थी। जैन समाज के लोगों ने इस पर विरोध जताया तो वहां मौजूद दिव्यानंद बाबा, भूषण कुमार, मनोहर ङ्क्षसगला, राजकुमार, प्रदीप गर्ग, विक्रम बंसल सहित 10-20 अन्य लोगों ने जैन धर्म मुर्दाबाद के नारे लगाए। इससे उनकी धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंची है।
ज्ञापन में बाबा के मुकदमे को झूठा बताते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। मौके पर अग्रवाल समाज के अध्यक्ष रमेशचंद्र गुप्ता, पूर्व अध्यक्ष सीताराम गुप्ता, अरोड़वंश समाज के अध्यक्ष डॉ. हजारीलाल मुटनेजा, सैन समाज के अध्यक्ष बलदेव सैन, गोशाला अध्यक्ष खेमराज गोयल, राकेश सोनी, पूर्व पार्षद जयदयाल यादव, सोनू चावला, जसकरण ङ्क्षसह जस्सा, अधिवक्ता सतीश अरोड़ा सहित काफी अन्य लोग वहां मौजूद थे।
समाज को बांटना संतों का काम नहीं
ज्ञापनदाताओं ने एसडीएम को बताया कि दिव्यानंद निराले बाबा की ओर से 30 जून से यहां जैन भवन में समन्वय चातुर्मास कार्यक्रम किया जा रहा है। इस दौरान जैन भवन का नाम बदलने के साथ वहां जैन धर्म के सिद्धांतों के विपरीत देर रात को बिना विधि-विधान सनातनी देवी-देवताओं की मूर्तियां स्थापित कर दी गई। उनका आरोप था कि भवन पर कब्जा करने की नियत से ही जैन भवन का नाम जेडी पाŸव पदमावती दिव्यानंद निराले बाबा मंदिर किया गया। ज्ञापनदाताओं ने सर्व समाज के हितार्थ जैन भवन को पुराने स्वरूप में ही रखने की मांग की। लोगों ने कहा कि संत हमेशा समाज को जोडऩे की दिशा में कार्य करते हैं लेकिन यहां उपजे विवाद से समाज आपस में बंटता नजर आ रहा है। इससे कस्बे के आपसी सौहार्द व भाईचारे पर विपरीत असर पड़ेगा। उन्होंने जल्द से मामले में निष्पक्ष जांच कर उचित कार्रवाई की मांग की।