सूरज की ताकत से रोशन होगा श्रीगंगानगर स्टेशन, 22.50 लाख का सोलर प्लांट
यात्रियों के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले, मल्टी लाइन व सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, बड़ी एलईडी स्क्रीन और जीपीएस आधारित डिजिटल घडिय़ां लगाई गई हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए संकेतक भी लगाए गए हैं।
Sri Ganganagar Railway Station is being upgraded with modern amenities under the Amrit Bharat Station Scheme.
श्रीगंगानगर.अब श्रीगंगानगर रेलवे स्टेशन की रोशनी में सूरज की ताकत भी शामिल होगी। अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत स्टेशन की ऊर्जा जरूरतों को हरित ऊर्जा से पूरा करने के लिए 22.50 लाख रुपए की लागत से सोलर प्लांट स्थापित किया गया है। इससे स्टेशन की प्रकाश व्यवस्था के साथ तकनीकी रेल कार्यों में भी सौर ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा मिलेगा। करीब 20.60 करोड़ रुपए की लागत से चल रहे पुनर्विकास कार्य का प्रथम चरण 99 फीसदी पूरा होने का दावा किया जा रहा है। यानी स्टेशन का कायाकल्प अंतिम दौर में है,लेकिन यात्रियों से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण काम अभी अधूरे हैं।
स्टेशन भवन में व्यापक सुधार, प्रवेश-निकास के अलग मार्ग, बाउंड्रीवॉल, सर्कुलेटिंग एरिया का सौंदर्यीकरण और दोपहिया-चौपहिया वाहनों के लिए अलग पार्किंग विकसित की गई है। बुकिंग कार्यालय व रिटायरिंग रूम में सुधार तथा नए शौचालय ब्लॉक बनाए गए हैं। एलईडी लाइटिंग और दीवारों पर आकर्षक कलाकृतियों से स्टेशन का स्वरूप बदला गया है। यात्रियों के लिए कोच गाइडेंस डिस्प्ले, मल्टी लाइन व सिंगल लाइन डिस्प्ले बोर्ड, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, बड़ी एलईडी स्क्रीन और जीपीएस आधारित डिजिटल घडिय़ां लगाई गई हैं। दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए संकेतक भी लगाए गए हैं।
9.98 करोड़ का फुटओवर ब्रिज अभी अधूरा
स्टेशन पर 12 मीटर चौड़े फुटओवर ब्रिज का निर्माण 9.98 करोड़ रुपए की अनुमानित लागत से हो रहा है। इसका 93 फीसदी से अधिक काम पूरा हो चुका है, लेकिन धीमी गति से चल रहे कार्य के कारण यात्रियों को प्लेटफार्म 2, 3 और 4 पर आवाजाही में परेशानी हो रही है। कुछ दिन पहले डीआरएम ने भी कार्य का निरीक्षण कर दिशा-निर्देश दिए थे।
पार्किंग में शेड नहीं, सेकंड एंट्री का इंतजार
पार्किंग स्थल विकसित होने के बावजूद शेड की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। गर्मी में वाहन धूप में खड़े करने पड़ रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि पार्किंग शुल्क लिया जा रहा है तो मूलभूत सुविधाएं भी मिलनी चाहिए। वहीं सेकंड एंट्री गेट का काम अब तक पूरा नहीं हुआ है।
किन्नू-सरसों के कारोबार को मिल सकती है रफ्तार
श्रीगंगानगर किन्नू और सरसों सहित कृषि उत्पादों के लिए अपनी पहचान रखता है। आधुनिक स्टेशन और बेहतर यात्री सुविधाओं से स्थानीय व्यापार, उत्पादों के परिवहन, पर्यटन, हस्तशिल्प और रोजगार गतिविधियों को नई गति मिलने की उम्मीद है। पुनर्विकास के दौरान स्थानीय कारीगरों और श्रमिकों को भी रोजगार मिला है।
श्रीगंगानगर स्टेशन पर विकास कार्य
पुनर्विकास लागत : 20.60 करोड़ रुपए
प्रथम चरण का काम : 99 प्रतिशत पूरासोलर प्लांट : 22.50 लाख रुपए
फुटओवर ब्रिज लागत : 9.98 करोड़ रुपएफुटओवर ब्रिज की चौड़ाई : 12 मीटर
फुटओवर ब्रिज कार्य : 93 प्रतिशत से अधिक पूराप्रमुख लाभ : हरित ऊर्जा, यात्री सुविधा, व्यापार, पर्यटन और रोजगार