24 अगस्त 2026,

सोमवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

कैंसर पीड़ितों के लिए रक्षाबंधन पर उम्मीद की डोर: सर्वाइवर्स बनेंगे नए मरीजों की ढाल, श्रीगंगानगर से शुरू हुआ ‘साथ’

Cancer patients support: रक्षाबंधन पर कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए उम्मीद और साथ की नई पहल शुरू की गई है। ‘साथ’ अभियान के जरिए कैंसर सर्वाइवर्स नए मरीजों का हौसला बढ़ाएंगे और उन्हें इस जंग में अकेला महसूस नहीं होने देंगे।
2 min read
Google source verification
Cancer patients support

कैंसर से जूझ रहे मरीजों के लिए ‘साथ’ की नई पहल (AI gnerated Image)

श्रीगंगानगर. कैंसर सिर्फ शरीर की बीमारी नहीं, बल्कि मरीज और उसके पूरे परिवार के लिए एक गहरी भावनात्मक, सामाजिक और आर्थिक परीक्षा होती है। अस्पताल के अंतहीन चक्कर, रिपोर्ट का भारी मन से इंतजार, कीमोथैरेपी की चिंता और भविष्य का डर, इन मुश्किल घडिय़ों में दवाइयों से भी ज्यादा जरूरत होती है एक ऐसे इंसान की जो हाथ थामकर कह सके ‘मैं समझता हू... क्योंकि मैं भी इस रास्ते से गुजरा हूं।’

इसी मानवीय संवेदना और जरूरत को ध्यान में रखते हुए 'साथ' (Olloi Community) की शुरुआत श्रीगंगानगर से की जा रही है। राजस्थान पत्रिका इस संवेदनशील पहल में आधिकारिक सहयोगी की भूमिका निभा रहा है। 'साथ' केवल एक ऐप नहीं, बल्कि कैंसर मरीजों, सर्वाइवर्स, परिजनों और केयरगिवर्स को आपस में जोडऩे वाला एक ऑथेंटिकेटेड व सुरक्षित सेल्फ-हेल्प प्लेटफॉर्म है। इस रक्षाबंधन, यह पहल एक ऐसा अनूठा रिश्ता जोडऩे का संदेश दे रही है, जो अनजान चेहरों के जीवन में उम्मीद, भरोसा और जीने की नई हिम्मत जगा सके।

मैं समझता हूं... क्योंकि मैं भी इस राह गुजरा हूं

कैंसर को हरा चुके लोग इस कम्युनिटी में अपने अनुभव और संघर्ष साझा करेंगे। जब कोई मरीज ऐसे व्यक्ति से बात करता है जिसने वही दर्द और डर पार किया है, तो उसमें बीमारी से लडऩे का नया हौसला जगता है। एक सर्वाइवर की कहानी किसी मरीज के लिए उम्मीद बन सकती है और केयरगिवर की सीख किसी दूसरे परिवार को संभालने की ताकत दे सकती है। यह नेटवर्क चिकित्सकीय इलाज का विकल्प नहीं, बल्कि भावनात्मक संबल और प्रामाणिक जानकारी का मजबूत माध्यम बनेगा।

आपकी कहानी किसी को दे सकती है हिम्मत

'साथ' कम्युनिटी की विश्वसनीयता और गरिमा बनाए रखने के लिए केवल प्रमाणित और सत्यापित सदस्यों को ही इससे जोड़ा जाएगा। गलत जानकारी और भ्रामक सामग्री से बचाव के लिए सख्त मॉडरेशन की व्यवस्था होगी। इसमें विशेषज्ञों की बातचीत, कैंसर से जुड़े मिथक व तथ्य और भरोसेमंद संसाधन उपलब्ध रहेंगे। जब कोई अपनी जिंदगी का सबसे कठिन दौर साझा करता है, तो उसे सम्मान और सुरक्षा की जरूरत होती है; 'साथ' वही सुरक्षित और संवेदनशील माहौल प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है।

आप ऐसे बनेंगे 'साथ' के हमसफर

'साथ' कम्युनिटी में शुरुआती Founder Members को जोडऩे की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। कैंसर मरीज, सर्वाइवर्स और केयरगिवर्स जो अपनी कहानी से दूसरों का हौसला बढ़ाना चाहते हैं, तो इस लिंक पर आवेदन कर सकते हैं- https://apex.patrikatech.com/f/sath-signup
आवेदन के बाद टीम व्यक्तिगत संपर्क कर सत्यापन प्रक्रिया पूरी करेगी। राजस्थान पत्रिका की विश्वसनीयता इस पहल को एक मजबूत आधार प्रदान करती है, ताकि लोग निस्संकोच जुडक़र एक-दूसरे की हिम्मत बन सकें।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग