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किसानों के चक्का जाम से पहले ही मान गया पंजाब, राजस्थान की गंगनहर में बढ़ा पानी, आंदोलन स्थगित

जल संसाधन विभाग के अनुसार गंगनहर में आरबी, एमएलए, केके, ईईए, एमके, एमएल और एफ नहर में सिंचाई पानी चल रहा है। विभाग का दावा है कि किसानों को उनके शेयर के अनुसार पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी उपलब्ध होगा।

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गंगनहर में बढ़ी पानी की मात्रा (फोटो- पत्रिका )

पंजाब से गंगनहर में पानी की मात्रा में सोमवार को वृद्धि होने पर संयुक्त किसान मोर्चा ने मंगलवार को राजस्थान में श्रीगंगानगर जिले में घोषित चक्का जाम स्थगित कर दिया है। संयुक्त किसान मोर्चा के इस आंदोलन में मुख्य रूप से शामिल ग्रामीण मजदूर किसान समिति (जीकेएस) के प्रदेश महासचिव और गंगनहर संचालन समिति के अध्यक्ष दिलबाग सिंह संधू ने देर शाम चक्का जाम आंदोलन स्थगित करने की पुष्टि की।

चेतावनी अभी भी बरकरार

उन्होंने बताया कि पंजाब से गंगनहर की आरडी 45 हेड पर पानी की मात्रा बढ़ाकर आज 2000 क्यूसेक कर दी गयी है। उन्होंने कहा कि मंगलवार के चक्का जाम आंदोलन के दबाव का परिणाम है कि पंजाब से पानी की मात्रा बढ़ा दी गई। जीकेएस के प्रदेश महासचिव संतवीर सिंह मोहनपुरा ने कहा कि फिर भी प्रशासन, विशेष कर जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के लिए चेतावनी बरकरार है।

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सख्त आंदोलन की कही बात

उन्होंने कहा कि गत शुक्रवार को प्रशासन के साथ हुए समझौते के मुताबिक 21 मई के बाद पानी की मात्रा बढ़ाकर 2500 क्यूसेक नहीं हुई और बढ़ी हुई मात्रा फसलों की बिजाई तक बरकरार नहीं रही तो किसान आगामी कदम उठाने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इस बार पहले से भी कहीं ज्यादा सख्त आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने पंजाब क्षेत्र में गंगनहर में पानी की हो रही चोरी को भी रोकने की मांग की है।

जल संसाधन विभाग के अनुसार सोमवार शाम को गंगनहर में आरबी, एमएलए, केके, ईईए, एमके, एमएल और एफ नहर में सिंचाई पानी चल रहा है। विभाग का दावा है कि किसानों को उनके शेयर के अनुसार पर्याप्त मात्रा में सिंचाई पानी उपलब्ध होगा। गंगनहर प्रोजेक्ट चेयमैन हरविंद्र सिंह गिल ने बताया एक से 20 मई तक कॉटन की पीक बुवाई का सीजन निकल चुका है,लेकिन यदि अभी भी सिंचाई पानी मिल जाता है तो लेट बुवाई की जा सकती है।

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