
श्रीगंगानगर। सहमे से ग्रामीण, सड़कों पर सन्नाटा। किसी अजनबी से कुछ कहने या बोलने से परहेज। बिना बोले ही समझाने और समझने की कोशिश। कुछ ऐसा ही हाल है सिरसा डेरा प्रमुख के पैतृक गांव श्रीगुरुसर मोडिया का। डेरे के पुराने अनुयायी और कभी उनके साथ रहे लोग भी सीधा बोलने से बच रहे हैं। खट्टा सिंह कहते हैं इस घटनाक्रम के बाद हालात बदल गए हैं।
फिलहाल तो किसी को अपने गांव का नाम श्री गुरुसर मोडिया के बजाय 26 एमओडी ही बोलना पड़ेगा। हालांकि, डेरा अनुयायी ये भी कहते हैं कि डेरे, नाम और डेरा प्रमुख में उनकी आस्था बरकरार है। चूंकि यह मामला कोर्ट से जुड़ा है, इसलिए कोई टिप्पणी नहीं। एक डेरा अनुयायी ने कहा कि मीडिया खुद ट्रायल कर रहा है, जो गलत है। गांव की एक बुजुर्ग महिला ने कहा कि पता नहीं ये क्या हो गया? हमें तो अब भी यकीन नहीं।
चार जगह नाके
गुरुसर मोडिया में पीलीबंगा और कैंचियां की तरफ आने वाले रास्तों, डेरा प्रमुख के पैतृक आवास और महलनुमा ढाणी के बाहर पुलिस तैनात है। सभी आने-जाने वालों से गहन पूछताछ की जा रही है।
डेरामुखी व हनीप्रीत के अंकाउंट एफबी पेज नहीं हो रहे अपडेट
राम-रहीम ने फैसले वाले दिन अपने समर्थकों को शांति बनाएं रखने का मैसेज किया था। इस पर 24 अगस्त के बाद से कोई अपडेट नहीं है। इधर, बाबा की कथित दत्तक पुत्री हनीप्रीत का फेसबुक पेज तो 15 अगस्त के बाद से ही अपडेट नहीं है। 24 अगस्त को डेरामुखी के ट्विटर अकाउंट डॉ. गुरमीत राम रहीम पर जो मैसेज पोस्ट किया था वह अकाउंट अब सस्पेंड कर दिया है। इस अकाउंट के 38 लाख फालोअर्स थे, लेकिन सजा के बाद इसमें दो लाख फालोअर्स कम हो गए। उधर हरियाणा पुलिस ने पंचकूला हिंसा में शामिल जिले के 55 डेरा प्रेमियों को गिरफ्तार किया है। इन पर सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने और पुलिस पर पत्थरबाजी का आरोप है।
Published on:
03 Sept 2017 02:13 pm
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