– साथ ही चलाए जाएंगे गांवों में जागरुकता अभियान
श्रीगंगानगर. बॉर्डर इलाके में लगातार हो रही ड्रोन से हेरोइन तस्करी व पंजाब के तस्करों की यहां मूवमेंट को लेकर अब पुलिस भी बीएसएफ के साथ कंधे से कंधा मिलाकर तस्करों पर नजर रखेगी। इसके लिए जल्द ही स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जाएगी।
इसके अलावा कई विभागों को लेकर बॉर्डर से सटे इलाके में ग्रामीणों को जागरुक करने के लिए जागरुकता के लिए नवाचार किए जाएंगे। पत्रिका ने 4 मार्च को ‘ड्रग माफिया का नेटवर्क टूटे तो पाक से ड्रोन आने भी बंद हो जाएं’ शीषर्क से समाचार प्रकाशित कर पुलिस सहित अन्य एजेंसियों का ध्यान आकर्षित किया था। इसके बाद पुलिस की ओर से ड्रग माफिया को रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया जा रहा है।
बॉर्डर इलाके में ड्रग माफिया का नेटवर्क खत्म करने के लिए पुलिस अधीक्षक परिस देशमुख की ओर से यह कदम उठाया जा रहा है। यहां बॉर्डर इलाके में ड्रोन से हेरोइन तस्करी व पंजाब के ड्रग माफिया की सक्रियता एक चुनौती बनी हुई है। इसकी रोकथाम के लिए एक स्पेशल टास्क फोर्स बनाई जा रही है। जिसमें सादा कपड़ों में पुलिसकर्मी, सीआईडी, आईबी, बीएसएफ, डीएसटी शामिल रहेगी।
जो बॉर्डर इलाके के गांवों में गोपनीय तरीके से ड्रग माफिया के नेटवर्क को खत्म करने के लिए उनसे जुड़े लोगों की सूचना पुलिस अधीक्षक को देगी। यह फोर्स संयुक्त रूप से सूचनाएं एकत्रित करेगी और इसके बाद पुलिस, बीएसएफ व अन्य एजेंसियों की ओर से संयुक्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधीक्षक ने इसका खाका तैयार कर लिया है।
दो सेक्टर में बांटा जाएगा बॉर्डर इलाका
– पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यहां ड्रग माफिया का नेटवक ध्वस्त करने के लिए बॉर्डर इलाके को दो सेक्टरों में बांटा जाएगा। जिसमें एक सेक्टर में हिन्दुमलकोट से केसरीसिंहपुर व दूसरे सेक्टर में गजसिंहपुर से रायसिंहनगर, समेजा, अनूपगढ़, घड़साना आदि इलाका शामिल रहेगा। जहां अलग-अलग टीमें कार्य करेंगी।
नेटवर्क का पता लगाने को ग्रामीणों को करेंगे जागरुक
– पुलिस अधिकारियों ने बताया कि टास्क फोर्स अपना कार्य करेगी। इसके अलावा बॉर्डर इलाके में पंजाब के ड्रग माफिया के नेटवर्क का पता लगाने के लिए ग्रामीणों को जागरुकत किया जाएगा। इसके लिए जागरुकता अभियान चलाया जाएगा। वहीं गांवों में नाटक के मंचन आदि जैसे नवाचार किए जाएंगे।
जागरुकता में यह रहेंगे शामिल
– बॉर्डर के गांवों में चलाए जाने वाले जागरुकता कार्यक्रमों में जिला प्रशासन, पुलिस, आईबी, इलाके के सरपंच, बीएसएफ, शिक्षा विभाग शामिल रहेंगे। जागरुकता अभियान के तहत विद्यालयों में कार्यशालाएं आयोजित कर बच्चों को भी पंजाब के ड्रग माफिया के नेटवर्क पर नजर रखने के लिए जागरुक किया जाएगा।
इनका कहना है
– बॉर्डर इलाके में पंजाब तस्करों का नेटवर्क व तस्करी रोकने के लिए टास्क फोर्स बनाई जाएगी। वहीं जागरुकता कार्यक्रम भी चलाए जाएंगे। अभी इस पर मंथन चल रहा है।
– परिस देशमुख, पुलिस अधीक्षक श्रीगंगानगर।