श्रीकरणपुर. कुछ दिन पहले क्षेत्र में डेंगू से एक जने की मौत व मच्छरजनित रोगों से ग्रसित अन्य कई मामले सामने आने पर जहां चिकित्सा विभाग एहतियात बरत रहा है। वहीं, मच्छरों के खातमे के लिए कीटनाशी दवाई का छिडक़ाव शुरू कर नगरपालिका प्रशासन ने भी कदम बढ़ाए हैं।
तहसीलदार (कार्यवाहक इओ) सुभाषचंद शर्मा व सफाई निरीक्षक गौरी शंकर ने बताया कि मच्छरजनित रोगों से बचाव के लिए नगरपालिका की ओर से पिछले चार-पांच दिन से कच्ची थेड़ी व ब्लॉक एरिया में एंटी लार्वा दवाई का छिडक़ाव जारी है। इओ ने बताया कि इसके तहत कस्बे के सभी वार्डों में नालियों, पार्कों, रुके हुए पानी व सरकारी कार्यालयों आदि जगहों पर छिडक़ाव किया जाएगा। उधर, बीसीएमओ डॉ.चरणजीत सिंह रौला ने बताया कि शहरी व ग्रामीण क्षेत्र में विभागीय कार्मिकों की टीमे घर-घर जाकर मच्छरजनित रोगों के लिए जागरूक कर रही हैं और रुके हुए पानी में टेमीफॉस नामक एंटी लार्वा दवा का छिडक़ाव किया जा रहा है।
मच्छर है जानलेवा…
गौरतलब है कि डेंगू रोगी पंकज लखेसर (24) पुत्र परस राम निवासी वार्ड 13 कच्ची थेड़ी की ११ सितंबर को जिला मुख्यालय पर एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। वहीं, बीते सप्ताह में कई डेंगू संदिग्ध रोगी भी यहां उपचाराधीन रहे। बीसीएमओ डॉ.रौला ने बताया कि मौसम में बदलाव के चलते वायरल व मच्छरजनित रोगों का प्रकोप बढ़ा है। फिलहाल कोई डेंगू रोगी उपचाराधीन नहीं है। उन्होंने बताया कि मच्छरजनित रोगों की आशंका में प्रतिदिन करीब तीन दर्जन रोगियों की अतिरिक्त जांच करवाई जा रही है।
सजग रहें, सफाई का रखें ध्यान
उधर, सीएचसी प्रभारी डॉ.विनोद शर्मा बताया कि मौसम मेें बदलाव व मच्छरजनित बीमारियों से आमजन को डरने की नहीं बल्कि सजग रहने की जरूरत है। उन्होंने बताया कि मच्छरों से डेंगू, मलेरिया, चिकनगुनिया व जीका आदि बीमारियां फैलती हैं और घरों व आसपास क्षेत्र में जमा पानी में ही मच्छरों के लार्वा पैदा होते हैं। इसके अलावा घर में पड़े कबाड़ में जमा पानी, गमलों व मटकों के नीचे रखे बर्तन में पड़े पानी, कूलर व फ्रिज की ट्रे मे जमा पानी को खाली करने के साथ पक्षियों के परिडें में पानी जमा नहीं रहने देना चाहिए। वहीं, पानी की टंकियों को भी ढककर रखा जाना चाहिए। उन्होंने स्वच्छता पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता जताई। वहीं, बुखार या अन्य कोई लक्षण दिखाई देने पर भयभीत न होकर चिकित्सीय सलाह लेने की बात कही।