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भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष से मारपीट और फाड़े कपड़े

State President of BJP SC Morcha was beaten up and torn clothes- किसान संगठनों के पंडाल में पहुंचने पर युवकों ने मेघवाल को दबोचा

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भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष से मारपीट और फाड़े कपड़े

भाजपा एससी मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष से मारपीट और फाड़े कपड़े

श्रीगंगानगर. राज्य सरकार के खिलाफ भाजपा की ओर से यहां गंगासिंह चौक पर धरना-प्रदर्शन किया गया। इस सभा में गंगासिंह के पास किसान संगठन से जुड़े युवकों ने भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के प्रदेशाध्यक्ष कैलाश मेघवाल को घेर लिया और उनसे मारपीट की।

इस दौरान उनके कपड़े फाड़ दिए गए। वहां पुलिस दल ने मेघवाल को किसी तरह इन युवकों से बचाया। एकाएक हुए इस घटनाक्रम के बाद भाजपाइयों में भी गुस्सा आया लेकिन आयोजकों ने किसी भी कार्यकर्ता को पंडाल से बाहर नहीं जाने का संकल्प कराया। इधर, मेघवाल के समर्थक उनको कंधो पर बिठाकर सभा स्थल पर लेकर आए। इस दौरान मेघवाल ने पूरे घटनाक्रम को बताया।

उन्होंने बताया कि वे भाजपा के धरने पर आ रहे थे तो कार को खड़ा करने के लिए मुख्य डाकघर के पास ले गए। वहां से वापस पैदल ही अपने दस बारह समर्थकों के साथ कलक्टे्रट में आने लगे तेा एक थानेदार जिसका नाम महावीर था उसने इशारा किया कि कलक्ट्रेट अंदर से जाने की जरुरत नहीं है।

आप तो गंगासिंह चौक से सभा स्थल आसानी से जा सकते है। उसके कहने पर वह जैसे ही गंगासिंह चौक पहुंचा तो वहां किसान संगठन से जुड़े युवकों ने उसे घेर लिया और मारपीट करते हुए कपड़े फाड़ दिए।

इसके बाद वह सभा स्थल पर पहुंचा। इस संबंध में विधानसभा में नेप्रतिपक्ष उपनेता राजेन्द्र सिंह राठौड़, जिलाध्यक्ष आत्माराम तरड़, सांसद निहालचंद, नोखा के विधायक बिहारीलाल बिश्नोई, सूरतगढ़ विधायक रामप्रताप कासनियां, रायसिंहनगर विधायक बलवीर लूथरा, अनूपगढ़ विधायक संतोष बावरी, बीकानेर संभाग के संगठन प्रभारी माधोराम चौधरी, जुगल डूमरा आदि ने निंदा करते हुए जिला कलक्टर को ज्ञापन भी दिया है।

भाजपा पदाधिकारियों और मेघवाल ने इस घटनाक्रम के संबंध में एफआईआर दर्ज कराने के लिए पुलिस अधिकारियेां को अवगत कराया है। भाजपा के इस धरने के खिलाफ किसान संगठनों ने भी गंगासिंह चौक पर धरना लगाया था।

यहां तक कई बार नारेबाजी की गई। इसके लिए जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन ने किसानों और भाजपा के धरने स्थलों को अलग अलग जगह देकर बीच में बैरीकेट्स लगा दिए ताकि कोई इधर से उधर नहीं जा पाए। लेकिन मेघवाल इस बैरीकेट्स को लांघकर किसानों के विरोध स्थल के अंदर प्रवेश कर गए।

उनके जाने को लेकर कई सवाल भी किए गए लेकिन उन्होंने इसे गलतफहमी में जाने की बात कही।