
सूरतगढ़. ग्रामीण क्षेत्र की बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सूरतगढ़ ब्लॉक में उपस्वास्थ्य केन्द्र भवनों का निर्माण हो रहा है। इसके तहत ब्लॉक के आठ उपस्वास्थ्य केन्द्रों के भवनों के निर्माण की स्वीकृति जारी हुई। इसमें से पांच एमएनडब्ल्यू के उपस्वास्थ्य केन्द्र भवन का निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि शेष सात उपस्वास्थ्य
केन्द्रों के निर्माण के लिए वर्कऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। लेकिन मलमास माह के बाद उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कार्य शुरू होगा। प्रत्येक उपस्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण पर करीब 50 लाख रुपए व्यय होंगे।
जानकारी के अनुसार राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत राज्य के उपस्वास्थ्य केन्द्रों की कायाकल्प करवाई जा रही है। इसके तहत सूरतगढ़ ब्लॉक के 17 एसटीबी पालीवाला, 7 एसजीएम,4 केएसआर व रामसरा जाखड़ान के उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। इसी तरह 5 एमएनडब्ल्यू में उपस्वास्थ्य केन्द्र का निर्माण कार्य चल रहा है। इसी तरह मानेवाला,सादकवाला,भगवानसर, 2 एसडी,6 डीडब्ल्यूएम व भोजेवाला में उपस्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण के लिए वर्कऑर्डर भी जारी हो चुके हैं। मलमास माह की वजह से यहां निर्माण कार्य एक माह बाद से शुरू होने की उम्मीद है। प्रत्येक उपस्वास्थ्य केन्द्र में लेबर रुम, ओपीडी कक्ष, टीकाकरण कक्ष, वार्ड, एक सीएचीओ रुम, दो स्टाफ कर्मियों के कक्ष का निर्माण होगा। प्रत्येक उपस्वास्थ्य केन्द्र के निर्माण पर 50 लाख रुपए व्यय होंगे। इनके निर्माण से स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार होगा।
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सूरतगढ़ ब्लॉक के गांव रंगमहल, सीलवानी,घमंडिया, चार एलजीएम, सादेकवाला व मोकलसर उपस्वास्थ्य केन्द्र के भवन पुराने व जर्जर होने की वजह से नकारा घोषित किया जा चुका है। अब स्वास्थ्य विभाग की ओर से इन नकारा भवनों की नीलामी करवाई जाएगी।ताकि इन केन्द्रों की जगह को इस्तेमाल किया जा सके। इसके तहत रंगमहल, सीलवाली व घमंडिया उपस्वास्थ्य केन्द्र के नाकारा भवन की नीलामी 19 दिसम्बर को व चार एलजीएम, सादेकवाला व मोकलसर उपस्वास्थ्य केन्द्र के नकारा भवन की नीलामी 20 दिसम्बर को बीसीएमओ कार्यालय में निकाली जाएगी।
क्षेत्र के दूर राज के गांवों व ढाणियों के लोग उपस्वास्थ्य केन्द्र की चिकित्सा व्यवस्था पर निर्भर रहते हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उपस्वास्थ्य केन्द्रों में ही गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच के साथ साथ सामान्य डिलीवरी का कार्य होता है।वही, बुखार सहित अन्य छोटी बीमारियों का इलाज भी उपस्वास्थ्य केन्द्र में मिलता है। ऐसे में उपस्वास्थ्य केन्द्रों के नए भवन बनने से मरीजों को लाभ ही मिलेगा। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण होने व स्टाफ मिलने से मरीजों को लाभ ही मिलेगा। नए भवनों का निर्माण कार्य शीघ्र होना चाहिए।
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बीरमाना क्षेत्र के ग्राम पंचायत 6 डीडब्ल्यूएम में दो साल पूर्व स्वीकृत हुआ था। लेकिन उप स्वास्थ्य केंद्र भवन के अभाव में गांव के एक निजी भवन में संचालित हो रहा है। भवन के अभाव के कारण इस ग्राम पंचायत के लोगों को पूरी सुविधा नहीं मिल पा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि अगर भवन बन जाए तो स्वास्थ्य संबंधी सारी सुविधाएं उपलब्ध हो सकती है। भवन के अभाव में ज्यादा परेशानी प्रसूताओं को होती है। जिन्हें राजकीय प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बीरमाना ले जाना पड़ता है।
बीसीएमओ डॉ.मनोज अग्रवाल ने कहा कि ब्लॉक में स्वीकृत उपस्वास्थ्य केन्द्रों का निर्माण कार्य चल रहा है। इनका निर्माण कार्य शीघ्र ही पूरा हो जाएगा। इससे मरीजों को लाभ मिलेगा।
Updated on:
17 Dec 2024 04:54 pm
Published on:
17 Dec 2024 04:54 pm
