
रत्तेवाला (श्रीगंगानगर).
परीक्षा में सहेली से कम अंक आने का एक छात्रा के मन मस्तिष्क इतना गहरा असर हुआ कि उसने मौत को गले लगा लिया। मामला रत्तेवाला गांव का है। रत्तेवाला गांव में रहने वाली दो सहेलियां बारहवीं कक्षा की छात्रा थीं। दोनों ने साथ ही परीक्षा की तैयारी की और पेपर दिए। एक सहेली पढ़ाई में थोड़ी कमजोर थी और दूसरी होशियार, इसलिए दोनों तैयारी के अनुरूप परीक्षा परिणाम को लेकर आशान्वित थीं। परीक्षा का परिणाम आया तो दोनों सहेलियों सहित उनके परिजन भी हैरान रह गए।
पढ़ाई में होशियार सहेली के प्राप्तांकदूसरी से कम आए थे। जो पढ़ाई में उससे कमजोर थी। होशियार छात्रा को कम अंक आना बर्दाश्त नहीं हुआ और वह तनाव में आ गई। आखिर उसने वह कदम उठा लिया, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। रविवार को छात्रा के माता-पिता बाहर गए थे। उसी दौरान उसने छोटे भाई को खाना परोसा और घर में बने एक कमरे में फंदे पर झूल गई। इस घटना के बाद ग्रामीणों में शोक छा गया।
पदमपुर थाना प्रभारी रामेश्वरलाल बिश्नोई ने बताया कि रत्तेवाला में पूर्व सरपंच भगवानदास बीका की पौत्री आरती (18) पुत्री कुलवीर बीका ने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड राजस्थान से बारहवीं कृषि संकाय की परीक्षा दी थी। परीक्षा परिणाम 23 मई को घोषित हुआ था, जिसमें उसके 74.20 प्रतिशत अंक आए। जबकि उसकी सहेली के 81 प्रतिशत नंबर आए। आरती की सहेली उससे पढ़ाई में कुछ कमजोर थी। जब परीक्षा परिणाम आया था, तब से ही आरती मानसिक रूप से परेशान थी।
रविवार दोपहर करीब एक बजे आरती के पिता बस स्टैण्ड पर कटिंग कराने गए हुए थे। उसकी मां डेरा ब्यास गई हुई है। घर में छोटा भाई भरतू व बहन ही थे। दोपहर को आरती ने अपने भाई को खाना दिया और कमरे में जाकर चुनरी से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। कुछ देर भाई भरतू ने और खाना देने के लिए कहा, लेकिन भीतर से कोई आवाज नहीं आई। भरतू ने कमरे में जाकर देखा तो आरती फंदे पर झूल रही थी। भरतू के शोर मचाने पर ग्रामीण और उसके पिता पहुंचे। इसके बाद घर में कोहराम मच गया।
Published on:
27 May 2018 08:56 pm
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