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नाकों पर बढ़ाई सख्ती, दूध-सब्जी नहीं आने दी शहर

जिले के विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त गांव बंद आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार को किसानों ने शहर के प्रवेश द्वारों पर लगाए नाकों पर सख्ती बढ़ा दी।

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- देशव्यापी आंदोलन का दूसरा दिन
- 24 घंटे नाकों पर तैनात है टीम

श्रीगंगानगर.

राष्ट्रीय किसान महासंघ के बैनर तले जिले के विभिन्न किसान संगठनों के संयुक्त गांव बंद आंदोलन के दूसरे दिन शनिवार को किसानों ने शहर के प्रवेश द्वारों पर लगाए नाकों पर सख्ती बढ़ा दी। इन्होंने एक भी दूध और सब्जी के वाहन को शहर में प्रवेश नहीं करने दिया। शहर के मुख्य सात प्रवेश रास्तों सहित कुल 16 जगहों पर किसानों ने नाकेबंदी कर रखी है। इन नाकों पर किसानों की अलग-अलग टीम 24 घंटे डयूटी देकर दूध, सब्जी, फल, फूल, अनाज आदि को शहर में प्रवेश से रोक रहे हैं।

किसानों ने रोकी दूध और सब्जी की आपूर्ति, प्रवेश रास्तों पर स्टॉल लगाकर बेची दूध-सब्जी

वहीं शहर के घरों में भी दो दिन का दूध-सब्जी का स्टॉक खत्म होने पर सुबह और शाम को दूध, सब्जी के लिए लोग भटकते दिख रहे हैं। हालांकि अभी भी बाजार में सब्जी रेहड़ी सहित दुकानों पर मिल रही है लेकिन दूध नहीं मिलने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय स्तर पर सब्जी का उत्पादन शहर की जरुरत के हिसाब से नहीं होने के कारण आगामी दिनों में सब्जी की भारी किल्लत हो सकती है।

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प्रवेश रास्तों पर पूरे दिन बिकी सब्जी
शहर के प्रवेश रास्तों सूरतगढ़ रोड बाइपास, साधुवाली, नाथांवाला, तीन पुली, करणपुर मार्ग, पदमपुर बाइपास, एसएसबी रोड पर गंगनहर पुल पर किसानों ने स्टॉल लगाकर निर्धारित रेट पर पूरे दिन सब्जी बेची। बाइपास पर सब्जी मिलने और कुछ शहर में सब्जी मिलने से लोगों की सब्जी की जरुरत तो पूरी हो गई, लेकिन दूध की किल्लत होने लगी है। क्योंकि साधुवाली, सूरतगढ़ बाइपास और तीन पुली पर कुछ किसान बेचने के लिए दूध लेकर आए जो थोड़ी देर बाद ही खत्म हो गया। इसके बाद पूरे दिन लोग दूध के लिए परेशान होते रहे।