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सूरतगढ़.नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वान का आतंक लगातार बढ़ता ही जा रहा है। शहर के 45 वार्डों में श्वान रोजाना राहगीरों पर बाइट के शिकर बना रहे हैं। यहां सबसे खास बात यह है कि इस माह के एक सप्ताह में करीब 35 लोग डॉग्स बाइट के शिकार गए हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के साथ साथ प्राइवेट चिकित्सालयों में भी लोग उपचार करवा रहे हैं। सरकारी हॉस्पीटल में उपचार कराने वाले लोगों का आंकड़ा तो दर्ज हो रहा है, जबकि प्राइवेट हॉस्पीटल में उपचार कराने वाले लोगों का आंकड़ा उपलब्ध नहीं है। सरकारी आंकड़ों पर नजर डाले तो वर्ष 2023 में डॉग्स बाइट के 2024 जने शिकार हुए, जबकि वर्ष 2024 में यह ग्राफ बढकऱ 2107 हो गया। नगरपालिका क्षेत्र में आवारा श्वानों की नसबंदी पर कानूनी अड़चन होने की वजह से नहीं हो रहा है। इस वजह से श्वानों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
जानकारी के अनुसार नगरपालिका क्षेत्र में निराश्रित पशुओं से अधिक आवारा श्वानों की संख्या बढ़ रही है। आवारा श्वानों के हमले में सबसे ज्यादा मासूम बच्चों से लेकर बुजुर्ग तक शिकार हो रहे हैं। डॉग्स बाइट के शिकार लोग सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, अर्बन पीएचसी के साथ साथ प्राइवेट चिकित्सालय में पहुंंचकर उपचार करवा रहे हैं। शहरी क्षेत्र में गली-मोहल्लों में आवारा श्वानों का झुण्ड पैदल जा रहे लोगों पर हमला बोलकर घायल कर रहे हैं। घायलों का चिकित्सालयों में चार बार इंजेक्शन लगते हैं। डॉग्स बाइट के शिकार हुए लोग अलग अलग तिथि पर आकर इंजेक्शन लगा रहे हैं।
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शहर के 45 वार्डों में आवारा श्वान का आतंक मचा हुआ है। प्रत्येक वार्ड की गली मोहल्ले में आवारा श्वान के झुंड का जमावड़ा रहता है। आवारा श्वान सबसे ज्यादा बच्चे व बुजुर्ग लोगों पर हमला बोलकर शिकार करते हैं। शनिवार रात्रि करीब साढ़े ग्यारह बजे शिवबाड़ी क्षेत्र में श्वानों का झुण्ड झगड़ रहा था। इस दौरान बाइक पर सवार दो युवक जा रहे थे। श्वान को बचाने के चक्कर में बाइक अनियंत्रित होकर एक दीवार से टकरा गया। जिसमें एक युवक की मौत पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। उसे सूरतगढ़ के ट्रोमा सेंटर लाया गया। हालत गंभीर होने पर चिकित्सकों ने उसे श्रीगंगानगर रेफर कर दिया। रात्रि के समय ऐसा ही हाल अन्य वार्डों में है। राहगीर पर आवारा श्वान हमला करने के लिए सदैव तैयार रहते हैं। नागरिकों की ओर से कई बार नगरपालिका प्रशासन को आवारा श्वानों की नसबंदी करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन कानूनी अड़चनों की वजह से कार्य अभी तक सिरे नहीं चढ़ सका।
नागरिक राजकुमार, मोहनलाल, सुभाष, दलीप सिंह, तरुण कुमार, राजाराम, कान्हाराम, सोहनलाल आदि ने बताया कि आवारा श्वान की संख्या लगातार बढ़ रही है। श्वान के हमले से आए दिन नागरिक शिकार हो रहे हैं। आवारा श्वानों की बढ़ रही संख्या को नियंत्रण करने के लिए नगरपालिका प्रशासन को ठोस कदम उठाने चाहिए। ताकि आमजन को राहत मिल सके।
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गांव जानकीदासवाला में आवारा श्वान का आतंक बना हुआ है। इसके तहत आवारा श्वान झुण्ड बनाकर रखते हैं तथा आए दिन राहगीरों को हमला कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि आवारा श्वान के आंतक से बच्चों व बुजुर्गों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
वर्ष मेल फिमेल कुल
2020 1459 505 1964
2021 1263 468 1731
2022 1257 539 1796
2023 1441 596 2024
2024 1514 593 2107
आवारा श्वान के हमले में घायल होने पर नागरिक को निकटवर्ती चिकित्सालय में जाकर चिकित्सक की सलाह पर इंजेक्शन लगवाना चाहिए। सरकारी चिकित्सालय में यह सुविधा निशुल्क उपलब्ध है।-डॉ.मनोज अग्रवाल, बीसीएमओ, सूरतगढ़
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Published on:
09 Jan 2025 04:29 pm
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