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SriGanganagar टीचर से संगीतकार बनी श्रीगंगानगर की अस्मिता जैन ने मचाई धूम

Teacher turned musician Asmita Jain of Sri Ganganagar created a buzz-लेटेस्ट सॉन्ग ‘‘तुझमें ही’’ रिलीज, प्रशंसकों में उत्साह

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SriGanganagar टीचर से संगीतकार बनी श्रीगंगानगर की अस्मिता जैन ने मचाई धूम

SriGanganagar टीचर से संगीतकार बनी श्रीगंगानगर की अस्मिता जैन ने मचाई धूम

SriGanganagar श्रीगंगानगर। किसी ने सच ही कहा है कामयाब नहीं काबिल बनो सफलता झक मारकर आपके पीछे आएगी। इसी काबिलियत के बलबूते पर संगीत की दुनिया में पांव रखने वाली टीचर से संगीतकार बनी अस्मिता जैन जिले का जाना पहचाना नाम बन चुकी है। अब तक आठ गानों के साथ अपने प्रशंसकों के दिलों में खास जगह बना चुकी अस्मिता जैन का अपकमिंग सॉंग ‘‘तुझमें ही’’ को आज रिलीज किया है। उन्होंने कहा कि उनके सभी गाने साहित्यिक मनोरंजन से लबरेज हैं। वहीं नये आने वाले गीत को लेकर प्रशंसकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। इस गाने का निर्देशन व फिल्मांकन रोहित तिलर्म के द्वारा किया गया है जोकि पहले ही कई संगीत से संबंधित गीतों का निर्देशन कर चुके हैं। गाने में दिवेश शर्मा व शिवा जी द्वारा भी साथ दिया गया है जोकि टीवी व थियेटर जगत के जाने माने कलाकार हैं। म्यूजिक विक कंपनी द्वारा दिया गया है।

अस्मिता जैन ने बताया कि उनके अपकमिंग सॉन्ग की खास बात यह है कि इसकी लेखिका, गीतकार, एक्टर, कंपोजर अस्मिता जैन स्वयं है। श्रीगंगानगर के सुखाड़िया नगर में रहने वाली उभरती प्रतिभा को संगीत की दुनिया में आए हुए अभी 4 साल ही हुए हैं और उन्होंने इतने समय में ही बहुत प्रसिद्धि पा ली है। ‘‘तुझमें ही’’ गीत में अस्मिता के कॉ-स्टार दिवेश शर्मा है। वह राधाकृष्ण व चंद्रगुप्त मौर्य जैसे सीरियल में शानदार अभिनय कर चुके हैं और कई बड़ी कंपनियों में एड भी कर रहे हैं। पंजाबी, हरियाणवी व राजस्थानी भाषाओं में संगीत दे चुकी अस्मिता ने बताया कि ‘‘तुझमें ही’’ गीत सभी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर एक साथ रिलीज किया। तीन मिनट के इस गाने में शायरी भी डाली गई है।
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अध्यापिका से गीतकार तक का सफर
एमएससी, बीएड की पढ़ाई कर चुकी शहर की इस बेटी ने बताया कि वह 7-8 साल तक अध्यापिका के पद पर कार्यरत रही, लेकिन उनका सपना तो संगीतकार ही बना था। इस दौरान उन्होंने क्षेत्र के नामी स्कूलों में बच्चों को पढ़ाया और 2017 में संगीत की दुनिया में पांव रखने के बाद कभी मुड़कर पीछे नहीं देखा। उनका पहला गीत 2007 में ‘‘प्यार आधा सा’’ रिलीज हुआ। यह गीत भी उन्होंने स्वयं ही लिखा है। इस गीत से अच्छी खासी पहचान मिलने के बाद संगीता ने बैक टू बैक सामाजिक व धार्मिक गीत लिखे व गाये। अध्यापिका की नौकरी छोड़कर संगीत की क्षेत्र में अपनी भविष्य देखने वाली इस प्रतिभाशाली युवती का कहना है कि आज की नारी किसी से कम नहीं है और वह सब कुछ कर सकती है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को सम्मानता का अधिकार मिले इसके लिए उन्हें वहीं करना होगा जिसमें उनकी रूचि है।
अस्मिता जैन के पिता अनूप शर्मा एग्रीकल्चर ऑफिसर पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। उनकी माता स्नेह लता हाउस वाइफ है। इनके दो भाई-बहन भी हैं। जो इनसे छोटे हैं। उन्होंने बताया कि वह अपना आइडल लता मंगेशकर को मानती है।

उन्होंने एमएससी की पढ़ाई जोधपुर विश्वविद्यालय व बीएड की पढ़ाई एमजीएसयू, बीकानेर से पूरी की। बीएड करने के बावजूद संगीत का शौंक रखने वाली अस्मिता ने कहा कि हमेशा वहीं करों जो आपका मन कहे। क्यूंकि जो काम मन रखने के लिए किया जाता है वह मन से नहीं होता है इसलिए हमेशा अपने मन की बात सुनें। उन्होंने बताया कि इस कार्य में उनके अभिभावकों ने भी हमेशा सहयोग किया है।
‘प्यार आधा सा’ गीत से संगीत की शुरूआत करने वाली अस्मिता को पहले गीत से ही खुब प्यार मिला। उनका प्रयास रहता है वह ऐसे गाने व वीडियो बनाएं जिसे परिवार के साथ बैठकर देखा व सुना जा रहे। जैन ने बताया कि उनका दूसरा गीत ओह ओह जाने जाना (फीमेल वर्जन) के बाद आदिनाथ शंभू, वियाह दे स्यापे, जाएं आप कहां (कवर), चंदा तारे, राह में उनसे (कवर), हर हर महादेव गाने अब तक रिलीज हो चुके हैं। उनके सोशल मीडिया हैंडल पर भी हजारों फॉलोअर्स है।

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