7 अप्रैल 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

धरने पर बैठी पार्षद, जांच टीम गठन के आदेश पर उठीं

पार्षद का कहना था कि पिछले एक साल वार्ड 44 के गंदे पानी के गड्ढे पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ शिकायत की गई थी।

2 min read
Google source verification
strike

श्रीगंगानगर.

वार्ड 44 में कब्जेधारको को पट्टा जारी करने का मामला उस समय गहरा गया जब पार्षद नाथी देवी गहलोत धरने पर बैठ गई। इस पर नगर परिषद कैम्पस में खलबली मच गई। नाथीदेवी के साथ पार्षद रवि चौहान, शिवलाल सैन, सन्नी नागपाल आदि भी मांगों को जायज बताते हुए धरने पर बैठ गए। आयुक्त के खिलाफ नारेबाजी करने से उपसभापति समेत कई पार्षदों ने आयुक्त से सवाल शुरू कर दिए। पार्षद का कहना था कि पिछले एक साल वार्ड 44 के गंदे पानी के गड्ढे पर हो रहे अतिक्रमण के खिलाफ शिकायत की गई थी।

28 दिन में पेट्रोल तीन रुपए और डीजल पांच रुपए महंगा

इस शिकायत पर कार्रवाई के बजाय नगर परिषद के कई अधिकारियों ने कब्जेधारकों को बैकडेट में पट्टे जारी कर दिए। इस विवाद से सरकारी भूमि पर कब्जेधारकों के हौसले इस कदर बढ़ गए हैं कि पूरी भूमि भू माफिया के शिकंजे में आ गई है। इस दौरान पार्षद डॉ. भरतपाल मय्यर, रामगोपाल यादव, मनीराम और राजा चुघ ने आयुक्त को इस पूरे मामले में जांच कराने की मांग दोहराई। विवाद बढ़ता देख और पार्षदों के सामूहिक रूप से पार्षद गहलोत के साथ आने पर आयुक्त सुनीता चौधरी ने आखिरकार इस मामले की जांच के लिए एईएन मंगतराय सेतिया की अध्यक्षता में एक कमेटी गठित करने का आदेश जारी कर दिया। आयुक्त का कहना था कि यह कमेटी जांच करने के लिए वार्ड 44 के गड्ढा क्षेत्र की भूमि की पैमाइश करेगी। इस आश्वासन पर पार्षदों ने धरना स्थगित किया।

झांकी वाले बालाजी मंदिर का वार्षिकोत्सव जारी


आठ साल से विवाद की भूमि बना गड्ढा
नगर परिषद के तत्कालीन सभापति जगदीश जांदू के कार्यकाल में प्रशासन शहरों के संग अभियान के दौरान वार्ड 44 के गड्ढा भूमि पर कुछ लोगों ने कब्जा जमाकर वहां चारदीवारी कर डाली थी, यहां तक कि पुराना कब्जा दर्शाते हुए पट्टे भी बना लिए थे, जब शिकायत सीएमओ तक पहुंची तो जांदू के आदेश पर तत्काल 36 भूखण्डधारकों के पट्टे निरस्त कराए गए थे, लेकिन इस भूमि पर कब्जेधारकों को छोड़ा नहीं। वर्तमान पार्षद नाथीदेवी ने इस मामले की जांच फिर से कराने के लिए जब मोर्चा खोला तो कई लोगो ने नगर परिषद में इस पार्षद के खिलाफ ही शिकायत कर दी थी। इसके चलते यह सरकारी भूमि विवादों में आ गई है। हालांकि तीन साल पहले परिषद के अमले ने वहां अतिक्रमण हटाए भी थे लेकिन स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है।

बड़ी खबरें

View All

श्री गंगानगर

राजस्थान न्यूज़

ट्रेंडिंग