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अमृत है हरि नाम जगत में, छोड़ विषय विष पीना क्या…

श्रीमद् भागवत कथा के तहत श्री कृष्ण जन्मोत्सव मनाया

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अमृत है हरि नाम जगत में, छोड़ विषय विष पीना क्या...

सादुलशहर. शिव वाटिका में जारी श्रीमद् भागवत कथा में कथा श्रवण करती श्रद्धालु महिलाएं।

सादुलशहर. हरि से बड़ा हरि का नाम है। जो इन्सान को संसार चक्र से पार कर सकता है। उक्त उद्गार शहर के वार्ड नं.13 स्थित शिव वाटिका में श्री प्रभात फेरी मण्डल सेवा समिति की ओर से समिति के सातवें वार्षिकोत्सव के उपलक्ष्य में आठ दिवसीय श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन बुधवार को कथा व्यास गौरसुन्दर दास, वृंदावनवालों ने अपने प्रवचनों की अमृत वर्षा में कहे। कथा के तहत भगवान श्री कृष्ण का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस दौरान पूरा पण्डाल नन्द के घर आनन्द भयो, जय कन्हैया लाल की... के उद्घोष से गूंज उठा। कथा व्यास ने वामन अवतार की कथा, अजामिल की कथा भी श्रवण करवाई गई व वामन अवतार की झांकी दिखाई गई। इससे पूर्व कथा पूजन शिक्षाविद् श्याम कुमार शर्मा व कपड़ा यूनियन के पूर्व अध्यक्ष सतीश ग्रोवर ने करवाया। कथा व्यास ने भक्ति रचना अमृत है, हरि नाम जगत में, छोड़ विषय विष पीना क्या... के माध्यम से भगवान की महिमा का गुणगान किया। भाग्यवान है वह जिसके मुख से भगवान का नाम निकलता है। इंसान को अपने पाप कर्म का भोग, भोगना ही पड़ता है। इसलिए इंसान को पाप कर्म से बचना चाहिए। भगवान की भक्ति ही एकमात्र ऐसा उपाय है, जो इंसान के हृदय को स्वच्छ करती है। जो इंसान भगवान का भजन, जप, सिमरन करता है, उसका उद्दार हो जाता है। कथावाचक ने वामन अवतार की लीला के बारे में चर्चा करते हुए कहा कि जब-जब धरा पर अत्याचार, दुराचार व पाप बढ़ता है, तब-तब प्रभु का अवतार होता है। प्रभु का अवतार अत्याचार को समाप्त करने व धर्म की स्थापना के लिए होता है। कथा के दौरान भारी संख्या में श्रद्धालु नर-नारी उपस्थित थे।

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