
Farmer Commits Suicide In Rajasthan : Farmers Suicide Due To Debt
श्रीगंगानगर. सादुलशहर इलाके में साढ़े पांच लाख रुपए के लोन ने एक और किसान की जान ले ली। इसी कर्ज से दबे उसके पिता ने करीब डेढ़ साल पहले कीटनाशी के प्रभाव के कारण मौत हो गई थी। अपने पिता का कर्ज नहीं चुका पाने के कारण रविवार को उसके पुत्र ने कीटनाशी पीकर जान गंवा दी।
साढ़े पांच लाख रुपए का लोन बढकऱ अब साढ़े आठ लाख रुपए हो चुका है। परिजनों ने बैंककर्मियों पर प्रताडि़त करने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की है। जिले में गुरुवार को भी एक बुजुर्ग किसान ने कर्ज के चलते कीटनाशी पीकर खुदकुशी कर ली थी।
मृतक के चचेरे भाई सुशील कुमार, संदीप व परिजनों तथा उसके दोस्त रमेश बाजिया ने बताया कि गांव छापांवाली निवासी मुखराम वर्मा ने एसबीआइ की सादुलशहर शाखा से वर्ष 2016 में अपनी पांच बीघा जमीन पर साढ़े पांच लाख रुपए का लोन लिया था। यह कर्ज वह चुका नहीं पाया।
मुखराम की अगस्त 2018 में कीटनाशी के प्रभाव के कारण मौत हो गई थी। इसके बाद उसके इकलौते पुत्र महेन्द्र वर्मा (37) पर घर चलाने की जिम्मेदारी के साथ-साथ कर्ज का बोझ आ गया था। परिजनों का आरोप है कि पिछले कई दिन से महेन्द्र के पास बैंककर्मियों के फोन आ रहे थे। इससे वह परेशान रहने लगा था। महेन्द्र ने 12 फरवरी को सुबह कीटनाशी पी लिया।
जिससे वह अचेत हो गया। परिजनों ने उसे सादुलशहर राजकीय चिकित्सालय पहुंचाया, जहां से उसे गंभीर हालत में राजकीय चिकित्सालय गंगानगर भेज दिया गया। यहां से बीकानेर के लिए रेफर कर दिया गया। परिजनों ने इलाज के लिए उसे यहां एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां रविवार शाम को उसने दम तोड़ दिया।
घर में नहीं बचा कमाने वाला
- मुखराम भी खेती के साथ मजदूरी कर अपने परिवार का पालन कर रहा था। पिता की मौत के बाद इकलौते पुत्र महेन्द्र पर ही घर व खेती का बोझा आ गया। वह भी मजदूरी करके अपने घर का खर्च चल रहा था। पहले पिता और अब महेन्द्र की मौत के बाद परिवार में कमाने वाला कोई नहीं बचा है। मृतक के ताऊ व उसके पुत्र आदि ही यहां अस्पताल पहुंचे।
मृतक के तीन पुत्री व एक पुत्र
- परिजनों ने बताया कि मृतक महेन्द्र के तीन पुत्रियां व एक पुत्र है। सबसे बड़ी पुत्री बारह वर्ष की है। पुत्र काफी छोटा है। महेन्द्र की मौत की खबर उसकी पत्नी व बच्चों को परिजनों की ओर से देर रात नहीं बताई गई। उनको अभी तक यही बताया गया है कि वह बीमार है और उसका इलाज चल रहा है। वहीं अन्य परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है।
दस लाख का कर्ज में दबे वृद्ध ने गुरुवार को की थी खुदकुशी
सदर थाने के मोहनपुरा गांव निवासी मक्खन सिंह (85) पुत्र केहरसिंह ने सल्फाश की गटक ली थी, जिससे मौत हो गई। मृतक की मोहनपुरा गांव में पन्द्रह बीघा कृषि भूमि है। इस पर इलाहाबाद बैंक से दस लाख रुपए का कर्जा लिया था। ब्याज की राशि जमा कराने के लिए एक लाख रुपए लोगों से उधार भी लिए लेकिन कर्जा उतरा नहीं था। पिछले कई दिनों से अवसाद में रहने लगे तो गुरुवार सुबह मक्खन सिंह ने सल्फाश की गटक ली थी। जिससे अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी।
बैंककर्मियों पर जेल भेज देने की धमकी देने का आरोप
- मृतक किसान के परिजनों ने प्रशासन से उसे परेशान करने वाले बैंककर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा बैंक लोन माफ करने की मांग की है। परिजनों का आरोप है कि बैंककर्मी फोन कर उसे जेल भेजने की बात करते थे, जिससे वह परेशान हो गया था। साथ ही पीडित परिवार को आर्थिक मदद दिलाई जाए, जिससे बच्चों का गुजारा हो सके। ग्रामीणों व किसान संगठनों के लोगों का कहना है कि यदि मांगे नहीं मानी गई तो आंदोलन किया जाएगा।
Published on:
17 Feb 2020 12:14 am
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