
...तो इस बार भी पुस्तकों के बिना होगी पढ़ाई!
श्रीकरणपुर.
सरकारी स्कूलों में नामांकन बढ़ाने व शिक्षा की गुणवत्ता बरकरार रखने के लिए राज्य सरकार की ओर से शिक्षकों पर पूरा दबाव बनाया जाता है। लेकिन सरकार खुद इसके प्रति कितनी गंभीर है इसका अदांज आप इस वाकया से लगा सकते हैं कि नए सत्र का करीब एक माह बीतने के बावजूद सरकारी विद्यालयों में मांग के मुताबिक निशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण नहीं हो सका है। जानकारी अनुसार पिछले सत्र में भी ऐसी ही स्थिति थी। और पूरा साल कई बच्चों को किताबें नहीं मिल सकी। शिक्षाविदें का मानना है कि किताबों से वंचित बच्चों का शिक्षण स्तर प्रभावित होना तय है।
पिछले साल भी नहीं आई थी पूरी किताबें
आदर्श विद्यालय के एक प्रधानाचार्य से मिली जानकारी अनुसार पिछले साल (सिंतबर-2017) की नामांकन संख्या के आधार पर पुस्तकें वितरित की गई हैं, लेकिन पिछले साल भी मांग के मुताबिक पुस्तकें नहीं मिलने और इस बार लगभग प्रत्येक स्कूल में नामांकन बढऩे से स्थिति बिगड़ी है। इसका शिक्षण व्यवस्था पर विपरीत असर पड़ रहा है। उधर, नया शिक्षण सत्र शुरू होने के करीब एक माह बाद भी मांग के मुताबिक पाठय पुस्तकें नहीं मिलने से प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के संस्था प्रधान अपने नोडल केन्द्र व बीईईओ कार्यालय के चक्कर लगाने को मजबूर हैं। उनका कहना है कि आगामी माह में प्रथम परख परीक्षा होगी। ऐसे में यदि पाठयपुस्तकें नहीं मिली तो उसका खमियाजा विद्यार्थियों को भुगतना होगा।
प्राथमिक व मिडिल में समस्या ज्यादा
गौरतलब है कि सरकारी स्कूलों में राज्य सरकार की ओर से पाठयपुस्तकों का निशुल्क वितरण किया जाता है। नई व्यवस्था के मुताबिक ब्लॉक के माध्यमिक व आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूलों को खुद के लिए स्थानीय स्तर पर बने नोडल केन्द्र (राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय-हाई स्कूल) से किताबें दी गई हैं। वहीं, उनके अधीन प्राथमिक व उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए पाठ्य पुस्तक मंडल श्रीगंगानगर से किताबें संगृहीत की गई हैं।
आदर्श स्कूलों के नोडल केन्द्र की प्रधानाचार्य रेणू चौहान ने बताया कि उन्होंने पिछले वर्ष के नामांकन में कुछ वृद्धि कर पुस्तकें मंगवाई थी। इससे आदर्श विद्यालयों में यह समस्या कम है। इसके अलावा दसवीं कक्षा की पुस्तकें किसी त्रुटिवश कम आई थी। एक दो दिन में अलॉट पहुंचने की संभावना है।
'यह सही है कि पिछले वर्ष के नामांकन के आधार पर पचास फीसदी विद्यार्थियों के लिए पाठ्यपुस्तकों की मांग भेजी गई थी। उसके मुताबिक पुस्तकों का वितरण कर दिया गया है। अब 15 जुलाई तक प्रस्तावित प्रवेशोत्सव में बढ़े नामांकन के मद्ेनजर अतिरिक्त मांग पत्र भेजा जाएगा।
हरबंसङ्क्षसह संधू, बीईईओ श्रीकरणपुर।
Updated on:
10 Jul 2018 08:25 am
Published on:
10 Jul 2018 10:30 am
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