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पेड़ों ने अटकाई ओवरब्रिज की राह

-अब तक नहीं मिली काटने की इजाजत  

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over bridge construction

railway over bridge

श्रीगंगानगर.

मीरा चौक से साधुवाली मार्ग को जोडऩे वाले नवनिर्मित ओवरब्रिज की राह में 19 पेड़ अब भी बाधा बने हुए हैं। इन पेड़ों को काटने की प्रारंभिक स्वीकृति मिल चुकी है, लेकिन फाइनल स्वीकृति अभी आनी शेष है।इससे आजाद टाकीज रेलवे फाटक को बंद करने का मामला फिलहाल अधर में लटका है। रेल प्रशासन इस फाटक को बंद करने के लिए जिला कलक्टर के सहमति पत्र का इंतजार कर रहा है। ओवरब्रिज से पुलिस लाइन के उत्तर-पूर्वी कोने से होते हुए साधुवाली जाने वाले मार्ग पर 19 पेड़ लगे हुए हैं। ये पेड़ वन विभाग की अनुमति के बिना नहीं काटे जा सकते। रेलवे के उपक्रम इरकॉन ने इन पेड़ों की कटाई के लिए वन विभाग को 2 लाख 80 हजार रुपये का भुगतान भी कर दिया है।

शीघ्र ही आएगी फाइनल मंजूरी
जिला वन अधिकारी जयप्रकाश ने बताया कि लखनऊ स्थित मुख्यालय से पेड़ों को कटाने के लिए सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है। उम्मीद है कि फाइनल स्वीकृति भी जल्द आ जाएगी। इन पेड़ों को काटने के लिए ऑन लाइन आवेदन किया गया था। फाइनल स्वीकृति के बाद ही 19 पेड़ों की कटाई होगी। इन पेड़ों के कारण ओवरब्रिज से साधुवाली जाते समय वाहन चालकों को काफी परेशानी हो रही है। ओवरब्रिज का फिलहाल लोकार्पण नहीं हुआ है, लेकिन लोग आने-जाने के लिए इस ब्रिज का उपयोग कर रहे हैं। जब तक इन पेड़ों को काट नहीं दिया जाता, तब तक इस हिस्से पर सड़क का निर्माण भी होना संभव नहीं है।

कलक्टर से दो बार कर चुके हैं मुलाकात

उधर, स्टेशन अधीक्षक आजाद टाकीज रेल फाटक को बंद करवाने के मामले में जिला प्रशासन से सहमति पत्र के लिए दो बार मुलाकात कर चुके हैं। रेल प्रशासन का कहना है कि मार्च 2018 तक इस रेल फाटक को बंद किया जाना प्रस्तावित है। इस रेल फाटक के बंद होने से रेलवे को प्रतिमाह सवा लाख रुपये से अधिक की बचत होगी, वहीं रेलवे गेट पर तैनात तीन कर्मचारियों को अन्यंत्र लगाया जा सकेगा।