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पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-लाइसेंस व ई-आरसी का हुआ ट्रायल

-वाहन चालकों को घर बैठे मिलेंगे लाइसेंसव ई-आरसी-ई-मित्र प्लस मशीन का दिया प्रशिक्षण

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पायलट प्रोजेक्ट के तहत ई-लाइसेंस व ई-आरसी का हुआ ट्रायल

सादुलशहर. शहर के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में स्थापित ई-मित्र प्लस मशीन।

सादुलशहर. राजस्थान के नागरिकों को घर बैठे ड्राइङ्क्षवग के लिए ई-लाइसेंस व अपने वाहनों की ई-आरसी मिलेगी। इस योजना को पायलट प्रोजेक्ट के तहत सादुलशहर के जिला परिवहन अधिकारी कार्यालय में शुरू किया गया है। सडक़ सुरक्षा एवं परिवहन विभाग की ओर से इस योजना का ट्रायल सोमवार को श्रीगंगानगर के जिला परिवहन अधिकारी अवधेश चौधरी ने सोमवार तक पंजीयन हुए वाहनों की आरसी निकालकर किया।
परिवहन निरीक्षक विपिन कुमार खरोड ने बताया कि परिवहन विभाग की ओर से 1 अप्रेल से नागरिकों को ई-लाइसेंस व ई-आरसी देने की सुविधा शुरू की जाएगी। आवेदकों को रजिस्टर्ड मोबाइल पर जिला परिवहन कार्यालय की ओर से ङ्क्षलक भेजा जाएगा। ई-लाइसेंस व ई-आरसी में क्यूआर कोड भी आएगा। इस क्यूआर कोड को स्कैन करने पर वाहन चालक की पूरी जानकारी हासिल हो सकेगी। ई-लाइसेंस व ई-आरसी में अधिकारी के डिजिटल हस्ताक्षर होंगे। कियोस्क के माध्यम से आमजन अपना ई-लाइसेंस व ई-आरसी स्वयं निकाल सकेंगे। सूचना एवं प्रौद्योगिकी विभाग के सहायक प्रोग्रामर रवि ङ्क्षसहमार ने बताया कि परिवहन कार्यालय में ई-मित्र प्लस मशीन उपलब्ध करवाकर ई-मित्र कियोस्क सुनील कुमार बिश्नोई की आईडी मेप की गई, जिसमें सहायक प्रोग्रामर अंशुल कुमार की ओर से आमजन को प्रशिक्षण दिया गया। सूचना सहायक तेजाराम ने बताया कि सादुलशहर जिला परिवहन कार्यालय में अभी ट्रायल के तौर पर ई-आरसी व ई-लाइसेंस जारी किए जाएंगे। उन्हीं वाहनों के ई-लाइसेंस व ई-आरसी जारी किए जाएंगे, जिनका पंजीयन 11 मार्च के बाद होगा। 1 अप्रेल के पश्चात राजस्थान में यह सुविधा आमजन के लिए उपलब्ध हो जाएगी। ट्रायल के दौरान मोटर परिवहन निरीक्षक विपिन कुमार खरोड, उदयवीर ङ्क्षसह, सहायक प्रोग्रामर लवली मक्कड़, वरिष्ठ लिपिक अंकुर मिगलानी, नरेश कुमार बारठ, वीरेन्द्र कुमार लड़ोइया आदि उपस्थित थे।