श्रीगंगानगर। करीब तीन साल पहले राजियासर थाना क्षेत्र में आठ वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म करने के मामले में अदालत ने एक जने को दोषी मानते हुए बीस साल कठोर कारावास और पचास हजार रुपए जुर्माने से दंडित किया है। यह निर्णय पोक्सों प्रकरण की स्पेशल कोर्ट संख्या एक के स्पेशल जज सुरेन्द्र खरे ने सुनाया।
विशिष्ट लोक अभियोजक गुरचरण सिंह रूपाणा ने बताया कि 2 नवम्बर 2020 को राजियासर थाने में पीडि़ता के पिता की ओर से मामला दर्ज कराया गया। इसमें बताया कि एक नवम्बर 2020 को वह, उसकी पत्नी और बड़ी बेटी के साथ खेत में काम करने गए थे। पीछे घर पर आठ साल की छोटी बेटी थी।
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गांव मालेर निवासी रामकुमार छिम्पा पुत्र पेमाराम ने उसकी छोटी बेटी को टॉफी के बहाने घर पर ही दुष्कर्म किया। जाते समय दस रुपए का नोट देकर किसी को यह बात नहीं बताने के लिए लालच भी दिया। शाम को वे खेत से घर आए तो उसकी पत्नी को बच्ची ने पूरी घटना बताई।
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इस पर पुलिस ने आरोपी रामकुमार छिम्पा के खिलाफ मामला दर्ज कर गिरफ्तार किया और अदालत में चालान पेश किया। अदालत में इस प्रकरण की सुनवाई के दौरान चौदह गवाह और 38 दस्तावेज साक्ष्य के रूप में प्रस्तुत किए गए। अदालत ने पोक्सों की धारा 5 एम और धारा 6 में दोषी मानते हुए आरोपी रामकुमार छिम्पा को बीस साल कठोर कारावास व पचास हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माना नहीं देने पर छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। जुर्माने की राशि जमा होने पर पीडि़ता को बतौर क्षतिपूर्ति देने के आदेश किए है।