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किसी को भी मकान किराये पर देने से पहले कर ले ये काम नहीं तो हो सकता है पुलिस केस

-जिले में कई मामले आ चुके सामने

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श्रीगंगानगर.

जिले में किराए पर मकान, हॉस्टल और पीजी में रहकर वारदात कर फरार होने या यहां आकर शरण लेने वाले अपराधियों की सूची बढ़ती जा रही है। पंजाब और हरियाणा के गैंगस्टर बड़ी वारदात के बाद कानून के शिकंजे से बचने और फरारी काटने के लिए श्रीगंगानगर में शरण ले रहे हैं। इसमें हरियाणा के गैंगस्टर दीपक मलिक का हो या पंजाब के गैंगस्टर विक्की गौंडर और प्रेमा लाहौरिया का या लुधियाना जेल से फरार दो हत्या व तेरह लूट करने वाले आरोपित का हो। इन अपराधियों का यहां आकर शरण लेना आने वाले समय के लिए खतरा बन सकता है। पुलिस बीट प्रणाली कमजोर होने के कारण यहां शरण लेने वालों की पुलिस को लंबे समय तक भनक भी नहीं लगती।


हाल ही उत्तराखंड में देहरादून पुलिस की ओर से गिरफ्तार किए गए पंजाब के कुख्यात गैंगस्टर सिमरजीत सिंह उर्फ सेमा से की गई। पूछताछ में यह बात सामने आई है कि पंजाब में वारदात करने के बाद वह श्रीगंगानगर के पी ब्लॉक स्थित एक पीजी में शरण लेता रहा है। इसमें उसके मददगार बने स्थानीय अपराधी जो पढ़ाई के बहाने उस पीजी में शरण लिए हुए थे। विक्की गौंडर, दीपक मलिक और हाल ही पकड़ा गया लुधियाना का कुख्यात अपराधी भी शामिल है। इसके अलावा भी यहां कई मामले पकड़ में आ चुके हैं।


किराए के मकानों में आकर रुके अपराधी
पुलिस की कार्रवाई के बाद यह भी सामने आया है कि जो भी बड़ा अपराधी यहां शरण लिए पकड़ा गया, वह किराए के मकान में रह रहा था। दीपक मलिक भी यहां लंबे समय तक रहा और हत्या कर फरार हो गया था। वहीं विक्की गौंडर व उसके साथी हिन्दुमलकोट इलाके में एक मकान में रुके हुए थे। इसके अलावा पंकज हत्या कांड में शामिल आरोपित भी यहां आकर रुके थे। वहीं चोरी, लूट सहित अन्य वारदातों में भी शामिल कई आरोपित भी यहां किराए के मकानों या हॉस्टलों में ठहरे थे। अब लुधियाना जेल से पैरोल पर फरार आरोपित यहां जवाहरनगर इलाके में किराए के मकान में रहा रहा था।


पुलिस समय-समय पर अभियान चलाती है और हॉस्टलों आदि की जांच भी करती है। किराए पर रहने वालों की जानकारी लोग नहीं देते। इसके चलते ही समय पर पता नहीं चल पाता।
तुलसीदास पुरोहित, सीओ सिटी श्रीगंगानगर।

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