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श्रीगंगानगर। राजकीय जिला चिकित्सालय की आपातकालीन कक्ष में सिर पर गंभीर चोटें आई तो बालिका सावित्री सुन से हो गई, जब उसके सिर पर टांके लगे तो वह रोने लगी। कुछ देर बाद जब संभली तो मायूस चेहरे से बोली कि अंकल मेरा क्या कसूर है। मुझे क्यों घायल किया है। किसने किया है यह सब।
उसके परिजन और नर्सिग कर्मी भी सवालों के जवाब नहीं दे पाए। यह बालिका गांव खोथांवाली की है। वह भी इस रोडवेज की बस में सवार होकर पदमपुर की ओर अपने परिजनों के साथ जा रही थी। जैसे ट्रोले की टक्कर हुई तो वह घायल हो गई। अन्य बस यात्रियों के साथ उसे भी यहां जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है।
अपने घर जाने के लिए राजस्थान रोडवेज की बस में सवार मुरलीधर गांव घमूड़वाली की बजाय राजकीय जिला चिकित्सालय में पहुंच गया। इस बस की ट्रोल से गुरुवार सुबह कोहरे के कारण दुर्घटना हो गई थी। बस में ड्राइवर की पीछे वाली सीट पर बैठे सीनियर सिटीजन को यह भी आभास नहीं था कि वह चंद पलों में अपने गांव की बजाय हॉस्पिटल पहुंच जाएगा।
इसी तरह गांव ५ ईईए का ५६ वर्षीय जसवंत सिंह भी था, वह भी इस बस से गांव पास आने की उम्मीद में बैठा था लेकिन गंभीर घायल होने पर लोगों ने उसे राजकीय जिला चिकित्सालय श्रीगंगानगर पहुंचा दिया। कैचिंया से इस गांव की दूरी महज बाइस किमी थी है। लेकिन मजबूरन उसे यहां चिकित्सालय में भर्ती होने के लिए चालीस किमी का सफर करना पड़ा। हादसे मे गंभीर घायल सतनाम सिंह की हुई माेत हो गई।
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Published on:
18 Jan 2018 05:36 pm
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