
sewer line leakage in sriganganagar
श्रीगंगानगर. नेहरानगर में सीवर लाइन लीकेज होने से कई मकानों में दरारें आ गई है, वहीं एक मकान धंस चुका है। सीवर ठेका कंपनी यूईएम ने वर्ष २०१३ में श्रीगंगानगर शहर में सीवर प्रोजेक्ट की शुरुआत इस नेहरानगर में की थी। तत्कालीन नगर विकास न्यास अध्यक्ष ज्योति कांडा की अध्यक्षता में इस सीवर लाइन बिछाने की शुरुआत पर कार्यक्रम आयोजित किया गया था, इस दौरान बेहतर सुविधा का दावा किया गया था। इस इलाके में गंदे पानी निकासी के लिए नालियों का निर्माण नहीं होने के कारण बिछाई गई सीवर लाइन में लोगों ने पानी डाल दिया। एेसे में यह पानी लीकेज होने लगा है।
सोमवार को नेहरानगर में हरीश का मकान धंस गया। उसके घर का फर्श इतना जर्जर हो चुका है कि जैसे जैसे खुदाई की गई, वैसे वैसे पानी और कीचड़ निकलता रहा। कक्ष और बाथरूम के फर्श के नीचे इतना गहरे खड्ढे हो गए है कि उसे अब तुड़वाया जा रहा है ताकि कोई बड़ा हादसा ना हो जाएं। मकान मालिक हरीश का कहना है कि सीवर लाइन की क्वालिटी निम्न स्तर की थी। वहीं पेयजल पाइप भी जर्जर है, इन दोनों पाइपों से पानी लीकेज होने से पूरे इलाके में हर घर को नुकसान पहुंच रहा है।
पानी निकासी ने बढ़ाई मुसीबत
इस इलाके में नाले और नालियां नहीं है, एेसे में खाली भूखण्डों में गंदे पानी डाला जाता है। चार साल पहले सीवरेज प्रोजेक्ट की शुुरुआत इस इलाके में हुई तो लोगों ने बिछी सीवर लाइन में बिना अनुमति से ही घरों का गंदा पानी इस पाइप में जोड़ दिया। पाइप लाइन लीकेज होने के कारण पानी घरों के नींव में घुस चुका है। तीन मकान अब तक धंस चुके है। वहीं बीस से अधिक मकानों में दरारें और फर्श खराब हो चुका है। हालांकि दो महीने पहले जब बरसात आई तब यूआईटी प्रशासन ने वहां से टैँकरों के माध्यम से पानी की निकासी करवाई थी लेकिन आए दिन पानी निकासी के इंतजाम नहीं है।
नहीं होती सुनवाई
यूआईटी अध्यक्ष से व्यक्तिगत रूप से मोहल्लेवासियेां ने अपना दर्द बताया था लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला। मेरा मकान धंस चुका है, इसे दुरुस्त कराने के लिए हजारों रुपए खर्च होंगे। इस मुसीबत में न्यास प्रशासन के अलावा सरपंच ने भी चुप्पी साध ली है। - हरीश, नागरिक
आंदोलन होगा तब जागेगा प्रशासन
मोहल्लेवासियेां ने दो बार यूआईटी के आगे प्रदर्शन किए लेकिन पुख्ता इंजाम नहीं हो पाए है। यहां तक कि सीवर लाइन और पेयजल पाइप लाइनों को दुरुस्त कराने के लिए अधिकारी उचित कदम नहीं उठा रहे है। एेसे में आंदोलन करना होगा, तब ही कुछ सुनवाई हो सकती है। - बदलूराम योगी, नागरिक
Published on:
27 Nov 2017 03:29 pm
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