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पानी सप्लाई को लेकर ग्रामीणों ने किया धरना-प्रदर्शन

पिछले कई दिन से पानी की सप्लाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में वाटरवक्र्स के सामने धरना शुरू दिया। ग्रामीण विनोद जाखड़ ने बताया कि नहरों में सही पानी की सप्लाई के बावजूद वाटर वक्र्स के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।

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Villagers protested regarding water supply

श्रीगंगानगर जिले के गांव लाधूवाला में वाटरवक्र्स आगे धरने पर बैठे ग्रामीण।

लाधूवाला (श्रीगंगानगर). पिछले कई दिन से पानी की सप्लाई न होने से आक्रोशित ग्रामीणों ने गांव में वाटरवक्र्स के सामने धरना शुरू दिया। ग्रामीण विनोद जाखड़ ने बताया कि नहरों में सही पानी की सप्लाई के बावजूद वाटर वक्र्स के कर्मचारियों की लापरवाही के चलते ग्रामीण पानी की बूंद-बूंद को तरस रहे हैं।
जलदाय विभाग के अधिकारियों से बात की उन्होंने भी कोई सुनवाई नहीं की, इसलिए धरना शुरू किया। जब तक गांव में सुचारू रूप से पानी की सप्लाई नहीं होगी और संबंधित दोषी अधिकारी पर कारवाई नहीं होगी तब तक धरना जारी रहेगा। करीब डेढ़ बजे धरनास्थल पर जलदाय विभाग के ग्रामीण सहायक अभियंता प्रशांत खैरवा के पहुंचे। उनके समक्ष ग्रामीणों ने वाटर वक्र्स में पानी की सप्लाई देने वाले अस्थाई श्रमिकों को हटाने तथा गांव में सुचारू रूप से पेयजल सप्लाई शुरू करवाने की मांग रखी।

पुराने फिल्टरों को दुरुस्त करवाने का दिया आश्वासन

सहायक अभियंता ने वाटर वक्र्स में पुराने फिल्टरों को दुरुस्त करवा कर सही करवाने का आश्वासन दिया तथा यहां सप्लाई देने वाले श्रमिकों को हटाने का आश्वासन भी दिया। इसके बाद ग्रामीणों ने धरना हटा लिया। इस बीच ग्रामीणों ने वाटर वक्र्स में पड़ी लकडिय़ों तथा वहां बंधे हुए पशुओं को हटाने की मांग भी की। इस पर सहायक अभियंता ने संबंधित को लकडियां तथा बंधे हुए पशुओं को हटाने के लिए कहा। धरना स्थल पर मुख्य रूप से भीमसेन सहारण, जसवंत जाखड़, रघुवीर जाखड़ , ख्यालीराम नायक, रणजीत जाखड़, कलवंत सिंह बराड़, रणवीर जाखड़, महावीर सरुवा, सज्जन जाखड़ आदि अनेक ग्रामीण उपस्थित थे।

इसलिए आ रही है समस्या

इसमें मुख्य समस्या यह है कि यहां पर पानी फिल्टर करने वाला आरओ लगभग 9 वर्ष पहले लगाया गया था और उसकी सर्विस एक बार भी नहीं हुई है। पांच साल में एक बार उसकी सर्विस होनी चाहिए। दूसरी सबसे बड़ी समस्या यह है कि यहां पर वाटरवक्र्स का कोई सरकारी कर्मचारी नहीं है। जो कर्मचारी यहां पर काम करता है वह पिछले एक वर्ष से बहुत ज्यादा बीमार होने के कारण लंबी छुट्टी पर गया हुआ है। यहां पर ठेकेदार के दो श्रमिक लगाए गए थे ठेकेदार के समय अवधि पूर्ण होने के बाद यहां अब वैसे ही अस्थाई श्रमिक लगाए हुए हैं। इस वजह से यह समस्या आ रही है।