
water logging
-आखिर कब जागेगा शासन-प्रशासन
सादुलशहर.
मानसून की बरसात लगातार जारी है। बरसात से गांवों की कच्ची सड़कें, खेत, अण्डरपास लबालब देखे जा सकते हैं। बरसात किसी को हंसा रही है तो किसी को रुला रही है। बरसात से अन्नदाता तो प्रसन्न है, लेकिन गांवों के कच्चे सड़क मार्गों व अण्डरपासों में पानी निकासी के समुचित प्रबन्ध नहीं होने के कारण आमजन को परेशान होते हुए देखा जा सकता है।
सादुलशहर से श्रीगंगानगर रेल मार्ग पर बुधरवाली रेलवे फाटक की जगह मुख्य अण्डरपास बनाया गया है। बरसात के दिनों में यह लबालब भरा रहता है। आने-जाने वाले करें तो क्या करें। ऐसे में लोग अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों व सरकार को कोसते हैं। इस अण्डरपास से क्षेत्र के सैकड़ों वाहन चौबीस घण्टे गुजरते हैं। किसी व्यक्ति को आपातकाल में श्रीगंगानगर उच्च स्तरीय इलाज के लिए ले जाना पड़े तो इस अण्डरपास के अलावा कोई मार्ग नहीं है।
गुहार का असर नहीं
अण्डरपास की समस्या के त्वरित निराकरण के लिए अनेक सामाजिक, व्यापारिक, राजनीतिक, धार्मिक संगठनों व जागरूक नागरिकों ने शासन-प्रशासन से अनेक बार गुहार लगाई जा चुकी है, लेकिन समस्या जस की तस बनी हुई है। शासन-प्रशासन इस समस्या की ओर ध्यान नहीं दे रहा है।
आए दिन गुजरते हैं नेता व अधिकारी
किसान नेता कौर सिंह सिद्धू व कांग्रेस नेता हर्ष बंसल का कहना है कि इस अण्डरपास से आए दिन सांसद, विधायक, कलक्टर, एसडीएम सहित अनेक अधिकारियों व राजनेताओं के वाहन गुजरते हैं, फिर भी इस ओर आज तक कोई ध्यान नहीं दिया गया है। इस ज्वलन्त समस्या की न तो शासन को चिन्ता है, न प्रशासन को। बस चुनाव के दौरान इस समस्या के निराकरण के लिए नेता लुभावने वायदे कर जाते हैं। चुनाव बाद अपना वायदा सब भूल जाते हैं।
Published on:
22 Jul 2018 08:26 pm
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