अनूपगढ़/घड़साना (श्रीगंगानगर). अतिवृष्टि के कारण जहां एक तरफ हिमाचल-पंजाब में भारी तबाही हुई है। दूसरी तरफ अनूपगढ़,घड़साना व रावलामंडी क्षेत्र के किसानों की पानी की कमी से फसलें बर्बाद हो रही हैं। इंदिरा गांधी नहर परियोजना की नहरों के बंद होने के कारण यहां के खेतों में खड़ी फसल सूख रही है। यही कारण है कि इलाके में हर तरफ इंदिरा गांधी नहर परियोजना में पानी छोडऩे की मांग की जा रही है। वहीं घग्घर नदी का पानी भी भेड़ताल तक पहुंचाने के लिए किसानों को भारी मशक्कत करनी पड़ रही है। घग्घर नदी का पानी सोमवार शाम को ९ जीबी को पार कर श्रीबिजयनगर की ओर बढ़ गया। किसान इसका बेसब्री से इंतजार कर रहे थे।
अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलने व पानी की मात्रा कम होने के कारण घग्घर नदी के पानी को भेड़ताल तक पहुंचाने के लिए अधिकारियों से बार-बार गुहार कर रहे हैं।
कुछ दिन पहले तत्कालीन जिला कलक्टर सौरभ्सा स्वामी के समक्ष कृषि फार्म के साइफन को पानी के अनूपगढ़ तक नहीं पहुंच जाने तक बंद रखवाने की मांग की गई थी,जिला कलक्टर ने आश्वासन भी दिया था कि पानी के अनूपगढ़ पहंच जाने तक साइफन को बंद रखा जाएगा। लेकिन जैतसर कृषि फार्म पर वस्तु स्थिति जानने के लिए गए थे,मौके पर साइफन खुले पाए गए।
जनप्रतिनिधियों ने पानी बढ़ाने की उठाई मांग
इंदिरा गांधी नहर परियोजना की अनूपगढ़ शाखा में पानी छोडऩे एवं घग्घर नदी के पानी को भेड़ताल तक पहुंचाने के लिए कस्बे से किसानों एवं जनप्रतिनिधियों का एक शिष्टमंडल जिला प्रमुख कुलदीप इंदौरा के साथ हनुमानगढ़ जिला कलक्टर रुक्मणि रियार से मिला। उन्होंनें बताया कि पानी की कमी से किसान सडक़ों पर आने को मजबूर हो जाएगा।यह शिष्टमंडल सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता अमरजीत मेहरड़ा से मिलने पहुंचा परन्तु मेहरड़ा के नहीं मिलने पर शिष्टमंडल आरडी ६२९ पहुंचा। वहां जनप्रतिनिधियों ने मुख्य अभियंता मेहरड़ा तथा अधीक्षण अभियंता रामङ्क्षसह से मिलकर अनूपगढ़ शाखा में पानी छोडऩे एवं नाली बैड में पानी बढ़ाने की मांग रखी।
अधिकारियों ने कहा कि हमारा पहला लक्ष्य जान माल की सुरक्षा करना है। हालांकि उन्होंनें आश्वासन दिया कि मंगलवार को घग्घर नदी में ५५०० क्यूसेक पानी छोड़ा जाएगा। वहीं कृषि फार्म के साइफन को पानी के अनूपगढ़ तक नहीं पहुंचने तक नहीं खोलने दिया जाएगा।
६ फीट पानी बढ़े तो डलेगा इंदिरा गांधी नहर में
प्रतिनिधिमंडल ने बताया कि ६२९ आरडी वह स्थान है जहां से घग्घर नदी के पानी को इंदिरा गांधी नहर में डाला जाता है। वर्तमान में ६२९ आरडी पर घग्घर नदी में १२ हजार क्यूसेक पानी प्रवाहित हो रहा है। तथा महज २५० क्यूसेक पानी ही इंदिरा गांधी नहर में डाला जा रहा है। ऐसे में घग्घर नदी के पानी से इंदिरा गांधी नहर को चलाना संभव नहीं है,क्योंकि अगर ६ फीट पानी बढ़ता है तो हनुमानगढ़ क्षेत्र के लिए खतरा बढ़ जाएगा। मेहरड़ा ने किसानों को आश्वासन दिया कि सोमवार रात से इंदिरा गांधी नहर में पानी नहीं बढ़ा तो बीबीएम में इडेंट भेजकर अनूपगढ़ शाखा में पानी छुड़वाया जाएगा। इस अवसर पर जिला प्रमुख इंदौरा के अलावा व्यापार मंडल अध्यक्ष बूलचंद चुघ,पंचायत समिति प्रधान प्रतिनिधि गोपाल डागला,अशोक जाखड,जिला व्यापार संघ के सरंक्षक भजनलाल कामरा, भारतीय किसान संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष जसवंत ङ्क्षसह चंदी,प्रकाश ङ्क्षसह जोसन,पूर्व ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष शैलेंद्र ङ्क्षसह मल्ली,जालंधर ङ्क्षसह तूर,जिला परिषद सदस्य कृपाल ङ्क्षसह गिल आदि मौजूद थे।