
घड़साना. सूना पड़ा नेशनल हाइवे।
घड़साना (श्रीगंगानगर). रबी की सूख रही फसल को बचाने के लिए फरवरी तथा मार्च माह में दो बारी पानी के स्थान पर अब आधी बारी सिंचाई पानी देने मांग के लिए किसान 15 दिन से आंदोलन कर रहे हैं। इस मांग को लेकर किसानों ने सोमवार से शनिवार तक उपखंड तथा तहसीलदार कार्यालय ठप कर दिया। इसके बावजूद जल संसाधन विभाग पर असर नहीं हुआ, तब किसानों ने आरपार लड़ाई लडऩे के लिए भारत माता नेशनल हाइवे स्थित सतराना टोल नाके पर बेमियादी पड़ाव डाल कर चक्काजाम आंदोलन शुरू कर दिया।
टोल पर दिनभर हुई सभा में अनूपगढ विधायक शिमला नायक, वरिष्ठ किसान नेता वल्लभ कोचर, किसान नेता सत्यप्रकाश सिहाग, सुनील गोदारा, राजू जाट आदि विचार रखे। चक्काजाम का असर यह हुआ कि रोडवेज, निजी बसों सहित असंख्य वाहनों के पहिए थम गए। सुबह 11 बजे चक्काजाम शुरू होने के साथ सडक़ पर कफ्र्यू जैसा दिखाई देने लगा। किसानों के आने के बाद टोलकर्मी बूथ छोड़ कर तथा मशीनें आदि बंद कर चले गए।
चक्काजाम स्थल पर प्रशासन की ओर से वार्ता के लिए कोई नहीं पहुंचा। जल संसाधन विभाग के अति. सचिव ने अनूपगढ में हुई वार्ता में पानी लेने का भरोसा दिलाया था, लेकिन शनिवार को अतिरिक्त पानी देने का समाचार नहीं आने पर किसानों ने प्रशासन को रविवार शाम तक का अल्टीमेटम देते हुए आंदोलन की आगामी रणनीति तय करने का ऐलान किया है। वहीं खाजूवाला में सोमवार को महापड़ाव डालने की घोषणा संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से की जा चुकी है।
पुलिस ने चक्काजाम से लगभग दौ सौ मीटर दूर नाके लगाए। अपर पुलिस अधीक्षक भंवरलाल मेघवाल, आईपीएस आदित्य, डिप्टी एसपी प्रशांत कौशिक, राहुल, रायसिंहनगर एसडीएम सुभाष बिश्नोई चक्काजाम स्थल से दूरी बनाते हुए कानून व्यवस्था बनाने के लिए दिन भर तैनात रहे।
Updated on:
16 Feb 2025 01:00 am
Published on:
16 Feb 2025 01:00 am
