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श्री गंगानगर

कब खुलेगा राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी पर लगा ताला

When will the lock on Rajasthan Punjabi Language Academy open- साढ़े चार साल से अध्यक्ष पद पर नहीं लगी मुहर, पसरा सन्नाटा  

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श्रीगंगानगर. करीब साढ़े चार साल से जिला मुख्यालय पर राजस्थान पंजाबी भाषा अकादमी में वीरानी छा गई। पंजाबी साहित्य और भाषा के संबंध में आ रही अड़चनों और विभिन्न शिक्षण संस्थाओं में पंजाबी भाषा शिक्षकों या व्याख्याताओं के पदों को लेकर होने वाली समस्याओं को सरकार के बीच यह अकादमी सेतु का काम करती है, लेकिन अब तक चेयरमैन बनाने के लिए कांग्रेस की गहलोत सरकार निर्णय तक नहीं कर पाई है। पहले इस अकादमी के सचिव का चार्ज मटका चौक के पास राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय के तत्कालीन प्रिंसीपल श्यामलाल कुक्कड़ के पास था, वे सेवानिवृत हुए तो यह चार्ज लाधुवाला गांव में आयुर्वेदिक चिकित्सक डा. एनपी सिंह को दिया गया है। हालांकि सचिव डा. सिंह ने अकादमी के लिए नया भवन और सभागार बनाने के लिए प्रस्ताव जिला कलक्टर के माध्यम से राज्य सरकार और यूआइटी तक पहुंचाए हैं, लेकिन यह काम मंजूरी के लिए अटका हुआ है। इस प्रक्रिया पूरी होने से अकादमी को स्थायी ठिकाना मिल जाएगा। जिला प्रशासन ने इस ऑफिस के संचालन के लिए सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी शशिकांत शर्मा को संविदा कार्मिक के रूप में लगाया है।
विदित रहे कि 8 जून 2018 को भाजपा के रवि सेतिया को अकादमी का अध्यक्ष बनाया गया था। 11 दिसम्बर 2018 को विधानसभा चुनाव परिणाम आने के साथ ही अकादमी अध्यक्ष का पद स्वत: ही खत्म हो गया। पिछले साढ़े चार साल बीतने के बावजूद अध्यक्ष का पद खाली है।
श्रीगंगानगर, श्रीकरणपुर और सादुलशहर इलाका पंजाबी बाहुल्य क्षेत्र भले ही हो, लेकिन इस अकादमी अध्यक्ष का मनोनयन कराने के लिए सत्ता पक्ष की एप्रोच नहीं चली है। इस वजह से यह पद लंबे समय से रिक्त है। हालांकि इस पद को पाने के लिए कई जनों ने दावेदारी भी दिखाई थी, लेकिन मनमुटाव नहीं हो, इस अवधारणा को देखते हुए सरकार ने निर्णय नहीं लिया।
इस बीच, श्रीकरणपुर से कांग्रेस विधायक गुरमीत सिंह कुन्नर का कहना कि अकादमी अध्यक्ष पर मनोनयन करने का अधिकार सिर्फ मुख्यमंत्री के पास है। उनकी पसंद का अध्यक्ष बने, यह तय अब तक नहीं हो पाया है। सीएम का यह विवेक है, किसे लगाए या नहीं। अपने चिर-परिचित अंदाज में कटाक्ष करते हुए विधायक कुन्नर का कहना है कि पंजाबियों की अध्यक्षी की परवाह नहीं है। उनका मानना था कि समय रहते अध्यक्ष मनोनीत किया जाता तो बेहतर काम हो सकता था।
ज्ञात रहे कि अकादमी का अधिकृत कार्यालय प्रदेश में कहीं भी नहीं है। ऐसे में तत्कालीन अध्यक्ष रवि सेतिया ने अपने समधी भाजपा के तत्कालीन राजस्थान प्रभारी अविनाश खन्ना की एप्रोच से जिला मुख्यालय पर अकादमी का ऑफिस खुलवाने के लिए आग्रह किया था। इसके अलावा सेतिया ने जयपुर के भी चक्कर काटे तब तत्कालीन सीएम वसुंधरा राजे ने श्रीगंगानगर जिला प्रशासन को अकादमी का आफिस खोलने के लिए निर्देश दिए। जिला परिषद परिसर में तब दो कमरे आवंटित किए गए थे, लेकिन अब इस अकादमी का दायरा सिमट कर एक कमरे में कर दिया गया है।