श्रीगंगानगर। सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशाषी अभियंता पवन यादव की मौत के बाद जिला प्रशासन में खलबली मची हुई है। यादव ने गुरुवार रात अपने पंजाबी सिटी कॉलोनी िस्थत आवास में पंखें पर फांदा डालकर खुदकुशी कर ली थी। इसकी मौत के पीछे वजह क्या रहे, यह सवाल यक्ष प्रशन बना हुआ है। यादव की मौत के करीब चौबीस घंटे बीतने के बावजूद आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार को पीडब्ल्यूडी में यादव का चैम्बर खुला ही नहीं। उनके आत्महत्या करने की सूचना इस ऑफिस स्टाफ को देर रात ही लग गई थी। इस कारण शुक्रवार सुबह अधिकांश स्टाफ कर्मी ऑफिस में आए ही नहीं। लेकिन एसई एनके जोशी सहित कई अफसर आए तो कामकाज करने का मन नहीं हुआ। पूरे कैम्पस में सन्नाटा पसरा रहा। पीडब्ल्यूडी ऑफिस से लेकर हर सरकारी महकमों में यादव के इस कदम के पीछे कारणों की वजह की चर्चा जुबां पर रही। हर कोई यही सवाल करता नजर आया कि एक्सईएन यादव पर किसका दबाव था और किस वजह से उन्होंने खुदकुशी का कदम उठाया।
लेकिन जवाब देने के लिए पुलिस प्रशासन से लेकर पीडब्ल्यूडी प्रशासन तक मौन नजर आए। हर किसी के जुबां पर यही चर्चा रही कि यादव जैसा हंसमुख और मिलनसारिता की मिसाल शख्स पर ऐसा क्या वज्रपात हुआ कि उसने अपनी इहलीला समाप्त कर ली।
इस ऑफिस के स्टाफ कर्मियों को विश्वास नहीं हुआ कि यादव ऐसा भी कदम उठा सकते है। दबी जुबां पर यही चर्चा थी कि यादव पर काम का अधिक प्रेशर रहा होगा। इस प्रेशर से वह खुद झेल नहीं पाया। चुनावी सीजन में जनप्रतिनिधियों की ओर से अपने अपने क्षेत्र में सड़कों के निर्माण को लेकर जयपुर से फोन तक करवा रहे थे। शायद यह भी एक वजह रही होगी।
वहीं यादव के सह कार्मिकों का कहना था कि यादव काम के बोझ से ज्यादा तंग आ गया था। वह छुटकारा पाना चाहता था। लेकिन उसने हर अफसर और शिकायतबाजों की शिकायतों को खुद ही सहन करने लगा।
ज्ञात रहे कि यादव 10 जून 1996 को यहां पीडब्ल्यूडी में कनिष्ठ अभियंता सिविल के तौर पर ज्वाइन किया था। इसके बाद वे हनुमानगढ़, पीलीबंगा, अनूपगढ़, सूरतगढ़ आदि कई क्षेत्रो में रहे। जेईएन से एईएन और फिर एक्सईएन बने। यहां करीब चार साल पहले 5 मार्च 2019 में आए थे। अधिशाषी अभियंता यादव को तीन बार एसई का चार्ज भी मिला। वे 1 नवम्बर 2020 से 20 मार्च 2020 तक, 27 अगस्त 2020 से 31 अगस्त 2020 तक और 4 मार्च 2022 से 2 अगस्त 2022 तक एसई के रूप में चार्ज किया।
इस बीच, एसई एनके जोशी ने बताया कि परसों यादव मेरे साथ हिन्दुमलकोट क्षेत्र में सड़क की चैकिंग करने गए थे। गुरुवार को यादव नहीं आए। ऐसे में मुझे सूरतगढ़ क्षेत्र में सड़क निर्माण की चैकिंग करने थी, वहां से वापस देर रात आया तो यादव के इस कदम से आहत हुआ हूं। हमने डिपार्टमेंट का हीरा खो दिया है। वजह क्या रही, यह समझ से परे है।