
पारिवारिक विवाद में जब कोई महिला अपने पति के नियोक्ता (बॉस) से झूठी शिकायत करती है तो उसका असर कर्मचारी के करियर व पदोन्नति पर भी पड़ता है। नियोक्ता की नजर में कर्मचारी की प्रतिष्ठा कम होती है और उसकी मानसिक शांति भी भंग होती है। हाईकोर्ट ने उक्त टिप्प्णी करते हुए कहा कि पत्नी के इस प्रकार का कृत्य मानसिक क्रूरता है और यह तलाक का ठोस आधार भी है।
न्यायमूर्ति प्रदीप नंदराज योग व न्यायमूर्ति प्रतिभा रानी की खंडपीठ ने एक तलाक के मामले में पत्नी की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें उसने पारिवारिक अदालत द्वारा मानसिक क्रूरता के आधार पर दिए तलाक को चुनौती दी थी।
खंडपीठ ने कहा कि इस मामले में साबित हो गया कि पत्नी अपने पारिवारिक विवाद को लेकर पहले अपने पति के ऑफिस उसके बॉस के पास गई। वहां उसने झूठी शिकायत ही नहीं बल्कि पति के सहयोगियों के सामने उसे नीचे दिखाया, हंगामा किया।
Published on:
12 Sept 2016 11:44 am
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