
मौलाना हसनैन बकाई
लखनऊ : उत्तर प्रदेश के मौलाना ने खुद को यूपी डिप्टी सीएम का ओएसडी बता करके भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी से करीब 1.5 करोड़ रूपए वसूलना चाहा। फिलहाल दिल्ली पुलिस ने मौलाना को गिरफ्तार कर लिया है । बताया जा रहा है कि जब पुलिस को यह मामला पता चला कि कोई मौलना खुद को डिप्टी सीएम का ओएसडी बताकर पैसे वसूलने का काम कर रहा है तब पुलिस ने मौलना को सर्च करना शुरू कर दिया ।
दिल्ली पुलिस ने मौलाना हसनैन बकाई और उनके एक साथी को जमाल सिद्दीकी के दिल्ली स्थित ऑफिस से गिरफ्तार कर लिया है । गनर और ड्राइवर फरार हो गए हैं। पुलिस उन दोनों को तलाश कर रही है । दिल्ली पुलिस ने मौलाना और उनके साथी को अदालत में पेश किया गया जहां से दिल्ली पुलिस को दो दिन की कस्टडी मिली है।
दिल्ली पुलिस कोर्ट से दो दिन की रिमांड लेने के बाद अब मौलाना से पूछताछ कर रही है । पुलिस ने जब मौलाना के मोबाइल के कॉल डिटेल चेक किए तो कई चौकानें वाले खुलासे हैं । दिल्ली पुलिस इस मामले में पूरी तरह से जांच कर रही है ।
बताया जा रहा है कि दिल्ली पुलिस पूछताछ के लिए मौलाना को लखनऊ ला सकती है। आरोप यह है कि मौलाना हसनैन बकाई ने भाजपा अल्पसंख्यक प्रकोष्ठ के राष्ट्रीय अध्यक्ष जमाल सिद्दीकी से डेढ़ करोड़ रूपये वसूलना चाहते थे ।
मौलाना का फोटो पिस्टल लहराते हुआ था वायरल
मौलाना हसनैन बकाई का इससे पहले एक फोटो सोशल मीडिया पर वायरल हुई थी । जिसमें वह पिस्टल लहरा रहे थे । पुलिस ने जांच की तब पता चला कि मौलाना के नाम पर कोई पिस्टल ही नहीं है । बाद में वह एक वीडियों जारी करके बताया था कि वह पिस्टल है वह एक चाइनीज सिगरेट जलाने वाला लाइटर है। उस समय मुस्लिम धर्मगुरु मौलाना हसनैन बकई खुद को बीजेपी सांसद साक्षी महाराज का सफीपुर विधानसभा का प्रतिनिधि भी बताते थे ।
Updated on:
22 Sep 2022, 12:55 PM IST
Published on:
22 Sep 2022, 12:53 PM IST
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