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CRPF जवानों के हत्या के मामले में कोर्ट का फैसला, 5 नक्सलियों को फांसी की सजा

अदालत ने इससे पहले 22 मई को इन माओवादियों को दोषी करार दिया था। 10 अप्रैल 2014 को लोक सभा चुनाव के दिन सीआरपीएफ की टुकड़ी पर गंगटा-जमुई मार्ग में सशस्त्र माओवादियों ने विस्फोट करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी की थी।

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Punit Kumar

May 25, 2017

Sentence to death

Sentence to death

बिहार के मुंगेर में पिछले लोकसभा चुनाव के दौरान बारुदी सुंरग विस्फोट कर सीआरपीएफ जवानों की हत्या के मामले सत्र अदालत ने फैसला सुनाया है। गुरुवार को कोर्ट ने जवानों के हत्या के आरोप में भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) के पांच उग्रवादियों को फांसी की सजा सुनाई है।

अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश ज्योति स्वरूप श्रीवास्तव ने साल 2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान बारूदी सुरंग विस्फोट और गोलीबारी कर सीआरपीएफ के दो जवानों की हत्या करने के आरोप में माओवादी रत्तू कोड़ा, बिपिन मंडल, अधिक लाल पंडित, बानो कोड़ा और मन्नू कोड़ा को भारतीय दंड विधान की विभिन्न धाराओं में दोषी करार देने के बाद सजा सुनाई है।

अदालत ने इससे पहले 22 मई को इन माओवादियों को दोषी करार दिया था। दर्ज प्राथमिकी के अनुसार 10 अप्रैल 2014 को लोक सभा चुनाव के दिन मतदानकर्मियों को लेकर जा रही सीआरपीएफ की टुकड़ी पर गंगटा-जमुई मार्ग में सवा लाख बाबा के निकट घात लगाये सशस्त्र माओवादियों ने बारुदी सुरंग का विस्फोट करने के बाद अंधाधुंध गोलीबारी की थी।

जहां उग्रवादियों के इस हमले में बल के हवलदार सोमे गौड़ा और हवलदार रविन्द्र कुमार राय समेत 12 जवान जख्मी हो गए थे। बाद में उपचार के दौरान सोमे और रविन्द्र की मौत हो गई थी।

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