
Maharashtra News: महाराष्ट्र में मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले ने पुलिस के सामने सरेंडर कर दिया है। बता दें कि बॉम्बे हाईकोर्ट ने महाराष्ट्र सरकार की कड़ी निंदा करते हुए चेतावनी दी थी, कोर्ट ने गुरुवार को कहा था कि क्या राज्य में कानून का राज है और क्या मुख्यमंत्री इतने बेबस हैं कि एक कैबिनेट मंत्री के बेटे के खिलाफ कार्रवाई नहीं हो पा रही। कोर्ट के इसी टिप्पणी के बाद मंत्री के बेटे को आत्मसमर्पण करना पड़ा। एडवोकेट जनरल मिलिंद साठे ने जस्टिस माधव जामदार की एकल पीठ को को सूचित किया कि मंत्री का बेटा पुलिस के सामने सरेंडर कर चुका है। वहीं, इस मामले को लेकर पुलिस ने कहा कि सरेंडर करने के लिए विकास गोगावले, महेश गोगावले और छह अन्य आरोपी महाड़ सिटी पुलिस स्टेशन पहुंचे थे।
गुरुवार को बॉम्बे हाईकोर्ट में शिवसेना नेता और मंत्री भरत गोगावले के बेटे विकास गोगावले की अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। इस दौरान जस्टिस माधव जामदार ने राज्य की कानून व्यवस्था पर कड़ा सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री इतने बेबस हैं कि अपराध करने वालों के खिलाफ कुछ नहीं बोल पा रहे हैं। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि मंत्री के बेटे अपराध करने के बाद खुलेआम घूम रहे हैं, रोज अपने माता-पिता से बात कर रहे हैं, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। जज ने पूछा कि क्या राज्य में सच में कानून का शासन कायम है।
सुनवाई के दौरान अदालत ने महाधिवक्ता साठे से कहा था कि मंत्री के बेटे विकास गोगावले को अगली सुनवाई से पहले आत्मसमर्पण करने को कहा जाए। अदालत ने सख्त लहजे में चेतावनी दी थी कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो आरोपी के खिलाफ कड़ा आदेश जारी किया जाएगा। इस दौरान जस्टिस जमादार ने कहा कि पुलिस पर दबाव डाला जा सकता है, लेकिन अदालत पर नहीं। इसी सख्ती के चलते मंत्री के बेटे को आखिरकार पुलिस के सामने सरेंडर करना पड़ा।
रायगढ़ के महाड नगर परिषद चुनाव के दौरान 2 दिसंबर को हुई हिंसा मामले में विकास गोगावले को मुख्य आरोपी बताया जा रहा है। इस झड़प में शिवसेना (शिंदे गुट) और अजित पवार गुट की राकांपा के समर्थक आमने-सामने आए थे, जिसके बाद क्रॉस-एफआईआर दर्ज हुई। विकास गोगावले और उनके चचेरे भाई महेश की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी गई, जबकि गिरफ्तारी न होने पर जस्टिस माधव जामदार ने पुलिस को फटकार लगाई। पुलिस ने इस मामले में BNS की धारा 109, 115(2) और आर्म्स एक्ट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है।
Updated on:
23 Jan 2026 08:26 pm
Published on:
23 Jan 2026 08:26 pm
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