
मध्यप्रदेश के सनसनीखेज पत्रकार संदीप कोठारी हत्याकांड में सामने आई विस्तृत पोस्टमार्टम (पीएम) रिपोर्ट में पत्रकार को जिंदा जला कर मारने का खुलासा हुआ है।
हत्याकांड में अब तक पुलिस और जांच एजेंसियां यह मान कर जांच कर रही थीं कि आरोपियों द्वारा पत्रकार के अपहरण के बाद हुई झड़प और उसके बाद उसे दबाने के कारण दम घुटने से संदीप की मौत हुई है।
मरने के बाद आरोपियों ने उसकी लाश को जला दिया है, लेकिन महाराष्ट्र के वर्धा सेंट्रल हास्पिटल के डाक्टरों की टीम ने विस्तृत पीएम रिपोर्ट में साफ किया है कि संदीप की मौत जलने के कारण हुई है। मृत पत्रकार के फेफडों में कार्बन पाया गया है जो कि जलाए जाने के दौरान सांसें चलने पर ही संभव है।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक पीएम रिपोर्ट में डॉक्टरों ने पत्रकार की मौत की दो वजहों का उल्लेख किया है, जिसमें आंशिक रूप से दम घुटना एवं लगभग 92 फीसदी जल जाने के कारण उसकी मौत होना बताया है।
अब तक हुई जांच में गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताया था कि उनकी संदीप के साथ मारपीट हुई और उसके बाद घटना का मुख्य आरोपी राकेश नर्सवानी उसके उपर बैठ गया, जिससे उसका दम घुट गया। आरोपियों ने इसके बाद संदीप की लाश को ठिकाने लगाने के लिए इसे वर्धा के चिंदी रेल्वे के पास जलाना बताया था।
पत्रकार संदीप कोठारी का 19 जून को अपहरण हुआ था, जिसके बाद उसकी लाश मिली थी। 21 जून को वर्धा के सेंट्रल अस्पताल में डॉ आर.के. वाधवे, डॉ. स्वाति पाटिल, डॉ. पी.एन. मुरके एवं डॉ. आशीष सालनकर द्वारा उसका शव परीक्षण किया था। हालांकि चिकित्सकों ने रिपोर्ट में दम घुटने को भी एक वजह बताया है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार इस भ्रम की स्थिति को दूर करने और मौत के कारण को समझने के लिए यहां से विशेषज्ञों की टीम वर्धा भेजी गई है। मामले में आगे की जांच के लिए पुलिस घटना के मुख्य आरोपी राकेश नर्सवानी, ब्रजेश डहरवाल और नवीन तांडी को आमने-सामने कर पूरे मामले का क्रॉस एक्जामिनेशन कर रही है।
पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी ने बताया कि पीएम रिपोर्ट में कुछ नए तथ्य सामने आए है। वर्धा से रिपोर्ट मिलने में कुछ विलंब हो गया है। अब भी इस रिपोर्ट में कुछ भ्रम की स्थिति है, जिसकी जांच की जा रही है। नए तथ्यों को आधार बना कर मामले की संपूर्ण जांच की जा रही है।
Published on:
11 Jul 2015 05:06 pm
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