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क्या सोनिया गांधी हार के डर से उत्तर प्रदेेश चुनाव से दूर हैं: वेंकैया

उन्होंने राम मन्दिर के सवाल पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए राम मन्दिर चुनावी मुद्दा नहीं है और न ही पार्टी राम मन्दिर के आधार पर जनता से वोट मांग रही है। यह आस्था का मामला है।

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balram singh

Feb 24, 2017

Venkaiah Naidu

Venkaiah Naidu

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के उत्तर प्रदेश राज्य विधानसभा के चुनाव प्रचार में हिस्सा नहीं लेने पर चुटकी लेते हुए केंद्रीय शहरी विकास मंत्री वेंकैया नायडू ने कहा कि क्या गांधी हार के भय से चुनाव से दूर हैं। नायडू ने चुनावी जनसभा में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के प्रदेश विधानसभा चुनाव अभियान में नहीं आने पर सवाल उठाते हुए कहा कि गांधी हार से डरी हुई तो नहीं हैं।

उन्होंने राम मन्दिर के सवाल पर कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए राम मन्दिर चुनावी मुद्दा नहीं है और न ही पार्टी राम मन्दिर के आधार पर जनता से वोट मांग रही है। यह आस्था का मामला है।

उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश का चुनाव देश के लिए अहम है। सोनिया कांग्रेस की अध्यक्ष हैं, उन्होंने उत्तर प्रदेश के चुनाव अभियान से दूरी क्यों बना ली है। उन्होंने कांग्रेस से सवाल किया कि सोनिया दुखी तो नही हैं।

नायडू ने भाजपा प्रत्याशियों के पक्ष में जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि सोनिया गांधी उत्तर प्रदेश की हार के डर से नहीं आ रही हैं। उन्हें पता है कि यहां कांग्रेस जीतने की स्थिति में नहीं है। उन्होंने कांग्रेस-सपा गठबंधन पर तीखा प्रहार करते हुए कांग्रेस को विश्वासघाती करार दिया तथा कहा कि कांग्रेस ने चौधरी चरण सिंह और चन्द्रशेखर से लेकर देवगौड़ा तथा इन्द्रकुमार गुजराल को धोखा दिया है।

इसके अलावा नायडू ने सपा संस्थापक मुलायम सिंह यादव का चुनाव अभियान में कटआउट और फोटो न दिखाई देने पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि मायावती का मुसलमानों से बसपा को वोट देने की अपील करना चुनाव आयोग के खिलाफ है।

राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव द्वारा प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी पर व्यक्तिगत आक्षेप का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि इस तरह की भाषा उन्हें शोभा नहीं देती। बसपा,कांग्रेस और सपा का प्रचार कर रहे नेता चुनाव अभियान को नीचे स्तर पर ले जा रहे हैं। लालू के पहले भी कांग्रेस के बहुत सारे नेता मोदी को तानाशाह, गधा आदि बोल चुके हैं। यह नेता जनसमर्थन दूर होने से आत्मविश्वास खोकर अनाप-शनाप बयान दे रहे हैं।

उन्होंने कहा कि राजनीति में आलोचना होनी चाहिए, रोचकता के लिए जुमला और चुटकुला भी होना चाहिए, लेकिन व्यक्तिगत स्तर पर अशोभनीय और आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग हरगिज नहीं होना चाहिए। नायडू ने इसके साथ ही कहा कि भाजपा के नेता हों या दूसरे दल के,भाषा शैली तथा बोली सम्मानजनक होनी चाहिए।

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